आन्ध्र प्रदेश सरकार ने 5 सितंबर 2015 को एपी स्टेट एंटरप्राइज आर्किटेक्चर (एपीएसईए) ई-प्रगति परियोजना आरंभ की ताकि सभी सरकारी सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सके. एपीएसईए ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक का लाभ उठाने के लिए एक व्यापक रूपरेखा है.
इस परियोजना का उद्देश्य 33 विभागों तथा 300 सरकारी एजेंसियों द्वारा सभी 745 सरकारी व्यापारिक सेवाओं, नागरिक सुविधाओं, कर्मचारी लाभ सेवाओं को एक पटल पर लाना है.
ई-प्रगति का निर्माण 2358 करोड़ रूपए के निवेश द्वारा किया गया है जिसमें राज्य सरकार तीन वर्ष तक 1528 करोड़ का निवेश करेगी.
इस परियोजना का मूल उद्देश्य नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और प्रभावी एकीकृत शासन प्रदान करना है.
परियोजना तीन चरणों में लागू की जाएगी तथा इसे दिसम्बर 2017 तक पूरा किया जायेगा.
ई-प्रगति
परियोजना में 7 मिशन, 5 ग्रिड तथा 5 अभियान शामिल हैं.
एपी फाइबर ग्रिड (सभी ग्राम पंचायतों के लिए)
एपी राज्य डाटा केंद्र (सभी डाटा तथा आवेदनों के लिए)
ई-हाईवे (सभी विभागों से डिजिटल रूप से जुड़ने हेतु)
पीपल हब (राज्य के सभी नागरिकों का सामाजिक-आर्थिक डाटा एकत्रित करना इसका उपयोग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के लिए किया जायेगा)
लैब हब (राज्य में मौजूद सम्पूर्ण भूमि का पूरा विवरण)
डायल एपी (एक संगठित कॉल सेंटर जहां नागरिक विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं)
ई लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म (शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने हेतु ऑनलाइन शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना)
सामाजिक लाभ प्रबंधन प्रणाली (इसमें सभी लाभकारी योजनाएं शामिल होंगी)
एपी कैन (कैंसर की रोकथाम हेतु प्रबंधन निकाय)
एम सेवा (मोबाइल पर नागरिकों को वृहद स्तर पर सेवाएं उपलब्ध कराने का स्रोत)
ई-एग्री मार्केट (एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म जहां किसान अपनी फसल की ऑनलाइन बिक्री कर सकते हैं)
ई-पंचायत (पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता को बढ़ाने हेतु)
इस परियोजना का उद्देश्य 33 विभागों तथा 300 सरकारी एजेंसियों द्वारा सभी 745 सरकारी व्यापारिक सेवाओं, नागरिक सुविधाओं, कर्मचारी लाभ सेवाओं को एक पटल पर लाना है.
ई-प्रगति का निर्माण 2358 करोड़ रूपए के निवेश द्वारा किया गया है जिसमें राज्य सरकार तीन वर्ष तक 1528 करोड़ का निवेश करेगी.
इस परियोजना का मूल उद्देश्य नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और प्रभावी एकीकृत शासन प्रदान करना है.
परियोजना तीन चरणों में लागू की जाएगी तथा इसे दिसम्बर 2017 तक पूरा किया जायेगा.
ई-प्रगति
परियोजना में 7 मिशन, 5 ग्रिड तथा 5 अभियान शामिल हैं.
एपी फाइबर ग्रिड (सभी ग्राम पंचायतों के लिए)
एपी राज्य डाटा केंद्र (सभी डाटा तथा आवेदनों के लिए)
ई-हाईवे (सभी विभागों से डिजिटल रूप से जुड़ने हेतु)
पीपल हब (राज्य के सभी नागरिकों का सामाजिक-आर्थिक डाटा एकत्रित करना इसका उपयोग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के लिए किया जायेगा)
लैब हब (राज्य में मौजूद सम्पूर्ण भूमि का पूरा विवरण)
डायल एपी (एक संगठित कॉल सेंटर जहां नागरिक विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं)
ई लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म (शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने हेतु ऑनलाइन शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना)
सामाजिक लाभ प्रबंधन प्रणाली (इसमें सभी लाभकारी योजनाएं शामिल होंगी)
एपी कैन (कैंसर की रोकथाम हेतु प्रबंधन निकाय)
एम सेवा (मोबाइल पर नागरिकों को वृहद स्तर पर सेवाएं उपलब्ध कराने का स्रोत)
ई-एग्री मार्केट (एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म जहां किसान अपनी फसल की ऑनलाइन बिक्री कर सकते हैं)
ई-पंचायत (पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता को बढ़ाने हेतु)
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