भारत और बेलारूस के मध्य अंतरसरकारी आयोग की सातवीं बैठक 7 सितंबर 2015 को बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में संपन्न हुई. इसमें चर्चा किये गए मुद्दों में व्यापार, अर्थव्यवस्था, वैज्ञानिक तकनीक तथा सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं.
बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से भारत की व्यापार-उद्योग मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) निर्मला सीतारमण एवं उनके समकालीन विताली मिखाइलोविच वोव्क ने की.
बैठक के परिणाम
द्विपक्षीय व्यापारिक लक्ष्य वर्तमान के 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है जिसे वर्ष 2018 तक हासिल किया जाना है.
व्यापार में फार्मास्यूटिकल्स, खनन मशीनरी, ऊर्जा, उर्वरक, और पर्यटन के क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जायेगा.
स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में संयुक्त कार्य समूह का गठन किया जायेगा. फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में भारत द्वारा बेलारूस को 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर का वार्षिक निर्यात किया जाता है.
बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से भारत की व्यापार-उद्योग मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) निर्मला सीतारमण एवं उनके समकालीन विताली मिखाइलोविच वोव्क ने की.
बैठक के परिणाम
द्विपक्षीय व्यापारिक लक्ष्य वर्तमान के 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है जिसे वर्ष 2018 तक हासिल किया जाना है.
व्यापार में फार्मास्यूटिकल्स, खनन मशीनरी, ऊर्जा, उर्वरक, और पर्यटन के क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जायेगा.
स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में संयुक्त कार्य समूह का गठन किया जायेगा. फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में भारत द्वारा बेलारूस को 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर का वार्षिक निर्यात किया जाता है.
दोनों देशों के मध्य पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु संयुक्त कार्य समूह का गठन किया जायेगा.
दोनों देशों ने पोटाश उर्वरकों की आपूर्ति एवं बेलारूस में भारतीय कम्पनियों द्वारा उर्वरकों के योगदान हेतु चर्चा की.
दोनों देश आयोग की अगली बैठक वर्ष 2016 में नई दिल्ली में करने पर सहमत हुए.
टिप्पणी
यह बैठक और इससे सामने आये परिणाम भारत और बेलारूस के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाते हैं.
जून 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा बेलारूस की यात्रा के दौरान भारत ने 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की पेशकश की तथा इसे मुक्त बाज़ार का दर्जा भी प्रदान किया.
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