भारत के मशहूर वैज्ञानिक संजीव गलांडे को प्रतिष्ठित जीडी बिड़ला
पुरस्कार 2014 देने की घोषणा 1 जुलाई 2015 को की गई. उनको यह पुरस्कार ‘इपिजेनिटिक्स और मॉलिक्यूलर सेल बायोलॉजी’ के
क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध के लिए दिया गया.
जीडी बिड़ला पुरस्कार से संबंधित मुख्य तथ्य:
जीडी बिड़ला अवार्ड को केके बिड़ला फाउंडेशन द्वारा 1991
से प्रति वर्ष दिया जाता है. इसमें हर वर्ष भारत में रहने और काम
करने वाले वैज्ञानिक को उसके शोध के लिए सम्मानित किया जाता है. इस सम्मान को 50
साल से कम उम्र वाले व्यक्ति को दिया जाता है. पुरस्कार स्वरूप ढाई
लाख रुपये नकद एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाता है.
वर्तमान में संजीव गलांडे, इंडियन
इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) पुणे में प्रोफेसर हैं और
जीनोमिक्स से संबंधित कार्यों के लिए जाने जाते हैं. गलांडे ने इंडियन इंस्टीट्यूट
ऑफ साइंस, बेंगलुरु से वर्ष 1996 में
बॉयोकमेस्ट्री में अपनी पीएचडी पूरी की. उन्हें इससे पहले प्रतिष्ठित शांतिस्वरूप
भटनागर पुरस्कार भी मिल चुका है.
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