केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2015
को ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार की स्थापना को मंजूरी प्रदान की. यह
कृषि बाजार किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक विकल्प प्रदान करेगा.
वर्तमान में कोई और विकल्प उपलब्ध ना होने के कारण किसान मंडियों या बाजार समितियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाध्य हैं जो उन पर विभिन्न करों को आरोपित करते हैं.
लेकिन अब ऑनलाइन मंच किसानों को देश के किसी भी हिस्से में फल, सब्जियों और अन्य उत्पादों को खरीदने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करेगा.
वर्तमान में कोई और विकल्प उपलब्ध ना होने के कारण किसान मंडियों या बाजार समितियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाध्य हैं जो उन पर विभिन्न करों को आरोपित करते हैं.
लेकिन अब ऑनलाइन मंच किसानों को देश के किसी भी हिस्से में फल, सब्जियों और अन्य उत्पादों को खरीदने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करेगा.
ऑनलाइन ट्रेडिंग की देखरेख करने और लेनदेन सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए एक एजेंसी भी स्थापित की जाएगी इसके अतिरिक्त यह एजेंसी कृषि उत्पाद के परिवहन को सुविधाजनक बनाने की ओर भी ध्यान देगी.
अब किसान अपनी सुविधानुसार उत्पाद को मंडियों या ऑनलाइन मंच पर बेच सकते हैं.
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