केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2015 को काला धन कानून (अज्ञात विदेशी आय) एवं कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत विदेशी आय का ब्यौरा देने की तिथियों की घोषणा की.
इसमें लोगों को उनकी अज्ञात विदेशी आय और संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए तीन महीने (30 सितंबर 2015 तक) का समय दिया गया है. इस समयावधि में संपत्ति का ब्यौरा देने पर वे व्यक्ति मुक़दमे से बच सकते हैं.
इस नोटिस में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान आंकडों का ब्यौरा देने पर उन लोगों को 31 दिसम्बर 2015 तक तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जायेगा जिसमें वे कर तथा शुल्क जमा करा सकेंगे.
इसमें लोगों को उनकी अज्ञात विदेशी आय और संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए तीन महीने (30 सितंबर 2015 तक) का समय दिया गया है. इस समयावधि में संपत्ति का ब्यौरा देने पर वे व्यक्ति मुक़दमे से बच सकते हैं.
इस नोटिस में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान आंकडों का ब्यौरा देने पर उन लोगों को 31 दिसम्बर 2015 तक तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जायेगा जिसमें वे कर तथा शुल्क जमा करा सकेंगे.
नोटिस के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाने पर 30 प्रतिशत कर तथा इतनी ही राशि का जुर्माना देना होगा.
काला धन एक्ट (अज्ञात विदेशी आय तथा संपत्ति) एवं कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत जुर्माना 90 प्रतिशत से भी अधिक होगा जिसमें अज्ञात विदेशी परिसंपत्तियों पर 30 प्रतिशत टैक्स भी लगाया जायेगा.
नया कानून मई 2015 में संसद द्वारा पारित किया गया तथा 26 मई 2015 को अधिसूचित किया गया था. यह अधिनियम अज्ञात विदेशी आय और संपत्ति के लिए अलग-अलग कराधान की अनुमति प्रदान करता है.
इसमें कठोर जुर्माने एवं कारावास का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत 10 वर्ष का कारावास एवं टैक्स का तीन गुना जुर्माना वसूला जायेगा.
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