अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून 2015
को कैदियों को मृत्युदंड दिए जाने में प्रयोग किये जाने वाले तीन
विवादास्पद जानलेवा दवाओं के इंजेक्शन के उपयोग को सही ठहराया है. इसमें कहा गया
कि क्रूर और असामान्य सजा के दौरान इसका प्रयोग संविधान का किसी तरह उल्लंघन नहीं
करता.
यह निर्णय 5-4 के बहुमत से पारित किया गया जिसमें मुख्य न्यायधीश सेमुअल अलिटो के अतिरिक्त मुख्य न्यायधीश जॉन रोबर्ट्स, न्यायाधीश एंटोनिन स्कालिया, एंथोनी केनेडी एवं क्लारेंस थॉमस ने ओकल्होमा के कैदियों की ओर से प्रस्तुत वकीलों के तर्क को ख़ारिज करते हुए यह निर्णय दिया.
यह निर्णय 5-4 के बहुमत से पारित किया गया जिसमें मुख्य न्यायधीश सेमुअल अलिटो के अतिरिक्त मुख्य न्यायधीश जॉन रोबर्ट्स, न्यायाधीश एंटोनिन स्कालिया, एंथोनी केनेडी एवं क्लारेंस थॉमस ने ओकल्होमा के कैदियों की ओर से प्रस्तुत वकीलों के तर्क को ख़ारिज करते हुए यह निर्णय दिया.
कैदियों के वकीलों ने तर्क देते हुए कहा कि पहला इंजेक्शन, मिडाज़ोलम, दर्दनाशक होता है किन्तु यह दूसरे तथा तीसरे इंजेक्शन द्वारा होने वाले पक्षाघात एवं हृदयघात के दर्द से निजात दिलाने में असफल है. इसलिए यह अमेरिका के संविधान के आठवें संशोधन द्वारा क्रूर और असामान्य दंड पर लगी रोक के विपरीत है.
इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में यह कहा गया कि ओकल्होमा में मृत्युदंड के दौरान दिए जाने वाले मिडाज़ोलम की अतिरिक्त मात्रा भी दर्दनाशक साबित नहीं हो सकती.
न्यायाधीशों ने यह निर्णय लिया कि वादी अपनी दलील में ऐसा कुछ ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए जिससे मृत्युदंड के रूप में किसी अन्य विकल्प का प्रयोग किया जा सके.
पृष्ठभूमि
मिडाज़ोलम के प्रयोग पर उस समय प्रश्न उठे जब तीन कैदियों विशेषकर अप्रैल 2014 में ओकल्होमा में मृत्युदंड प्राप्त कैदी क्लेटन लॉकेट को तीनों इंजेक्शन दिए जाने में सामान्य से अधिक समय लगा.
इसी सन्दर्भ में, 9 अप्रैल 2015
को ओकल्होमा की विधायिका ने एक विधेयक पारित कर मृत्युदंड स्वरूप
नाइट्रोजन गैस का प्रयोग करने का सुझाव दिया.
टिप्पणी
इस निर्णय से यह साफ़ हो गया है कि अमेरिका के राज्यों में मृत्युदंड बरकरार रहेगा यद्यपि यूरोपियन निर्माताओं ने मिडाज़ोलम को इन राज्यों को देने से मना कर दिया है.
टिप्पणी
इस निर्णय से यह साफ़ हो गया है कि अमेरिका के राज्यों में मृत्युदंड बरकरार रहेगा यद्यपि यूरोपियन निर्माताओं ने मिडाज़ोलम को इन राज्यों को देने से मना कर दिया है.
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