शोधकर्ताओं ने उत्तरी पेरू में प्राचीन विकामा शहर में जो कि एक
महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, के एक भवन में बेंत
की टोकरी में मिट्टी की बनी तीन मूर्तियां प्राप्त की है. उनका मानना है कि इन्हें
प्राचीन कराल सभ्यता में करीब 3800 साल पहले बनाया गया था.
करीब 80 सेमी लंबाई वाली इन मूर्तियों की खोज की
सूचना पेरू के संस्कृति मंत्रालय ने 9 जून 2015 को दी.
तीन मूर्तियों में से दो, जिसमें एक पुरुष और एक महिला है, सफेद, काला और लाल रंग में रंगे हैं. माना जा रहा है कि वे राजनीतिक अधिकारी का प्रतिनिधत्व करते थे. तीसरी मूर्ति महिला की है, इसकी 28 उंगलियां है और उसके सफेद चेहरे पर लाल बिन्दियां हैं, माना जा रहा है कि वह पुजारिन का प्रतिनिधित्व करती होगी.
इन मूर्तियों को इस तरह रखा गया था कि जैसे वे एक दूसरे को देख रही हों.
इसके अलावा, शोधकर्ता टीम ने कपड़े में लपेटे गए और पीले, नीले और नारंगी रंग के पंखों से ढंके महिलाओं के चेहरे वाली मिट्टी की दो और मूर्तियों को खोजा है.
कराल सभ्यता
कराल सभ्यता सबसे पहले करीब 5000 वर्ष पहले उभरी थी और पेरु के सुपे वैली में रहती थी. यह सभ्यता 60 हेक्टेयर के इलाके में फैली थी, इसमें करीब 3000 लोग रहते थे और अपने पीछे इन्होंने पिरामिडों और डूबे हुए अखाड़ों की एक प्रभावशाली वास्तुकला छोड़ी थी.
अज्ञात कारणों से 1800 ई पू. इस सभ्यता का पतन हो गया था.
तीन मूर्तियों में से दो, जिसमें एक पुरुष और एक महिला है, सफेद, काला और लाल रंग में रंगे हैं. माना जा रहा है कि वे राजनीतिक अधिकारी का प्रतिनिधत्व करते थे. तीसरी मूर्ति महिला की है, इसकी 28 उंगलियां है और उसके सफेद चेहरे पर लाल बिन्दियां हैं, माना जा रहा है कि वह पुजारिन का प्रतिनिधित्व करती होगी.
इन मूर्तियों को इस तरह रखा गया था कि जैसे वे एक दूसरे को देख रही हों.
इसके अलावा, शोधकर्ता टीम ने कपड़े में लपेटे गए और पीले, नीले और नारंगी रंग के पंखों से ढंके महिलाओं के चेहरे वाली मिट्टी की दो और मूर्तियों को खोजा है.
कराल सभ्यता
कराल सभ्यता सबसे पहले करीब 5000 वर्ष पहले उभरी थी और पेरु के सुपे वैली में रहती थी. यह सभ्यता 60 हेक्टेयर के इलाके में फैली थी, इसमें करीब 3000 लोग रहते थे और अपने पीछे इन्होंने पिरामिडों और डूबे हुए अखाड़ों की एक प्रभावशाली वास्तुकला छोड़ी थी.
अज्ञात कारणों से 1800 ई पू. इस सभ्यता का पतन हो गया था.
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