प्रवासी भारतीय मंत्रालय तथा तमिलनाडु सरकार ने 11 जून 2015 को चेन्नई में प्रवासी संसाधन केंद्र
(एमआरसी) आरम्भ किया. यह प्रवासी भारतीय मंत्रालय द्वारा भारत में शुरू किया गया
चौथा केंद्र है.
एमआरसी विदेश में रोज़गार से संबंधित सभी सूचनाएं, सलाह तथा जानकारी प्रदान करता है जिसमें विदेश में कार्यरत प्रवासी भारतीयों की सभी समस्याओं के कानूनी तथा नीतिगत पहलुओं की जानकारी दी जाती है.
एमआरसी विदेश में रोज़गार से संबंधित सभी सूचनाएं, सलाह तथा जानकारी प्रदान करता है जिसमें विदेश में कार्यरत प्रवासी भारतीयों की सभी समस्याओं के कानूनी तथा नीतिगत पहलुओं की जानकारी दी जाती है.
एमआरसी के कार्य
एमआरसी सुरक्षित तथा कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त प्रवास से संबंधित सभी जानकारियां प्रदान करेगा.
यह एजेंटों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करेगा.
यह प्रवासी भारतीय मंत्रालय से संबंधित शिकायतों को दर्ज करेगा तथा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में उनका निवारण भी करेगा.
यह काउंसलिंग सहायता भी प्रदान करेगा (वॉक इन अथवा टेलीफोन एवं ईमेल).
पहला प्रवासी संसाधन केंद्र (एमआरसी) वर्ष 2008 में केरल स्थित कोच्चि में स्थापित किया गया था. इसके बाद हैदराबाद, गुड़गाँव तथा चेन्नई में यह सेवा आरंभ की गयी.
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