कोटक महिंद्रा बैंक और आईएनजी
वैश्य बैंक के विलय को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 1 अप्रैल 2015 को मंजूरी
दी. इस विलय के बाद कोटक महिंद्रा निजी क्षेत्र का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा.
कोटक महिंद्रा बैंक ने आरबीआई की मंजूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि विलय 1 अप्रैल 2015 से प्रभावी होगा. विलय के बाद सभी आईएनजी वैश्य बैंक संपत्तियां कोटक महिंद्रा बैंक को ट्रांसफर की जाएंगी.
विदित हो कि कोटक महिंद्रा बैंक और आईएनजी वैश्य बैंक के इस विलय के बाद नई बैंकिंग कंपनी की 1,214 शाखाएं होंगी और नेटवर्क पूरे देश में फैला होगा. आईएनजी वैश्व बैंक में करीब 10,000 कर्मचारी हैं, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक में कर्मचारियों की तादाद लगभग 29,000 है. कोटक महिंद्रा और आईएनजी वैश्य के बीच 15,000 करोड़ रुपए के विलय प्रस्ताव को प्रतिस्पर्धा आयोग तरफ से फरवरी 2015 में ही मंजूरी मिल गई थी.
कोटक महिंद्रा बैंक ने आरबीआई की मंजूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि विलय 1 अप्रैल 2015 से प्रभावी होगा. विलय के बाद सभी आईएनजी वैश्य बैंक संपत्तियां कोटक महिंद्रा बैंक को ट्रांसफर की जाएंगी.
विदित हो कि कोटक महिंद्रा बैंक और आईएनजी वैश्य बैंक के इस विलय के बाद नई बैंकिंग कंपनी की 1,214 शाखाएं होंगी और नेटवर्क पूरे देश में फैला होगा. आईएनजी वैश्व बैंक में करीब 10,000 कर्मचारी हैं, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक में कर्मचारियों की तादाद लगभग 29,000 है. कोटक महिंद्रा और आईएनजी वैश्य के बीच 15,000 करोड़ रुपए के विलय प्रस्ताव को प्रतिस्पर्धा आयोग तरफ से फरवरी 2015 में ही मंजूरी मिल गई थी.
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