वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता फर्म नोमुरा (Nomura)
ने जनवरी 2015 के प्रथम सप्ताह में जारी अपनी
रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2014-15 में भारत की सकल घरेलु
उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान
जताया. इसके साथ ही नोमुरा ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में भारत
की जीडीपी की विकास दर 6.6 प्रतिशत हो जाने की उम्मीद जताई.
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नए घरेलू और निर्यात
आदेशों के मिलने से भारतीय उत्पादन क्षेत्र का खरीद प्रबंध सूचकांक (पीएमआई)
दिसंबर 2014 में दो वर्ष के उच्चतम स्तर पर रहा.
वहीं छह मुख्य संरचनात्मक उद्योगों के उत्पादन में नवंबर 2014 में 6.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. रिपोर्ट में कहा
गया कि संसाधनों की कीमत कम होने से लागत में कमी आई, साथ ही
कमजोर मांग के कारण उत्पाद मूल्य स्थिर रहा.
नोमुरा के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य
सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई में सकारात्मक आधार प्रभावों का दौर समाप्त हो
चुका है और नवंबर 2014 के 4.4 प्रतिशत
के मुकाबले अगले तीन चार महीने में इसके 5.5 प्रतिशत पर
पहुंचने की संभावना है.
विदित हो कि रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने दिसंबर
2014 की मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में
ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था और स्थिति में बदलाव से इनकार करते हुए
संकेत दिया था कि मंहगाई से राहत मिलने और सरकार के आर्थिक सुधारों के जारी रहने
की स्थिति में नए साल में कटौती संभव है.
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