भारत के प्रधानमंत्री एवं नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत
परिवर्तन संस्थान, National Institution for Transforming India Aayog) के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्री अरविंद पानगडिय़ा को नीति आयोग
का उपाध्यक्ष 5 जनवरी 2014 को नियुक्त
किया. नीति आयोग के अध्यक्ष ने इसके अलावा अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति की है.
आयोग के पूर्णकालिक सदस्य
अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख वीके सारस्वत को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया.
आयोग के पदेन सदस्य
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह और रेल मंत्री सुरेश प्रभु को इस आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया.
विशेष आमंत्रित सदस्य
तीन केंद्रीय मंत्रियों- मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया.
विदित हो कि सरकार ने अभी दो अंशकालिक सदस्यों तथा नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है.
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई)
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई) की स्थापना भारत सरकार ने 65 वर्ष पुरानी संस्था योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को की गई. भारत सरकार ने यह कदम राज्य सरकारों, विशेषज्ञों तथा प्रासंगिक संस्थानों सहित सभी हितधारकों से व्यापक विचार विमर्श के बाद उठाया.
भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) के अध्यक्ष होंगे. इस संस्था में एक उपाध्यक्ष तथा एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) होगा. उपाध्यक्ष की नियुक्ति आयोग का अध्यक्ष करेगा.
आयोग में संचालन परिषद होगी, जिसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपालों को शामिल किया जाएगा. यह संचालन परिषद राज्यों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताएं तैयार करेगी.
राज्यों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताएं तैयार करने आयोग में अधिकतम पांच पूर्णकालिक सदस्य और दो अंशकालिक सदस्य होंगे जबकि चार केंद्रीय मंत्री इसके पदेन सदस्य होंगे.
अरविंद पानगडिय़ा
पद्म भूषण से सम्मानित अरविंद पानगडिय़ा कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. इसके पहले वह एशियाई विकास बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री रहे. अरविंद पानगडिय़ा विकास के 'गुजरात मॉडल' के प्रबल समर्थक हैं.
अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में प्रोफेसर हैं.
वीके सारस्वत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख रहे.
अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख वीके सारस्वत को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया.
आयोग के पदेन सदस्य
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह और रेल मंत्री सुरेश प्रभु को इस आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया.
विशेष आमंत्रित सदस्य
तीन केंद्रीय मंत्रियों- मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया.
विदित हो कि सरकार ने अभी दो अंशकालिक सदस्यों तथा नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है.
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई)
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई) की स्थापना भारत सरकार ने 65 वर्ष पुरानी संस्था योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को की गई. भारत सरकार ने यह कदम राज्य सरकारों, विशेषज्ञों तथा प्रासंगिक संस्थानों सहित सभी हितधारकों से व्यापक विचार विमर्श के बाद उठाया.
भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) के अध्यक्ष होंगे. इस संस्था में एक उपाध्यक्ष तथा एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) होगा. उपाध्यक्ष की नियुक्ति आयोग का अध्यक्ष करेगा.
आयोग में संचालन परिषद होगी, जिसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपालों को शामिल किया जाएगा. यह संचालन परिषद राज्यों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताएं तैयार करेगी.
राज्यों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताएं तैयार करने आयोग में अधिकतम पांच पूर्णकालिक सदस्य और दो अंशकालिक सदस्य होंगे जबकि चार केंद्रीय मंत्री इसके पदेन सदस्य होंगे.
अरविंद पानगडिय़ा
पद्म भूषण से सम्मानित अरविंद पानगडिय़ा कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. इसके पहले वह एशियाई विकास बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री रहे. अरविंद पानगडिय़ा विकास के 'गुजरात मॉडल' के प्रबल समर्थक हैं.
अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में प्रोफेसर हैं.
वीके सारस्वत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख रहे.
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