अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को 9/11 के
आतंकी हमले के 13 वर्ष बाद व्यवसाय के लिए दोबारा 3 नवंबर 2014 को खोल दिया गया. हालांकि वर्ल्ड ट्रेड
सेंटर की दो इमारतों की जगह अब नई इमारत ने ले ली. इस इमारत को "वन वल्र्ड
ट्रेड सेंटर" का नाम दिया गया. इस इमारत के वास्तुविद टी जे गोट्टाडाइनर ने
कहा कि, “स्टील की मदद से कंक्रीट को मजबूती देते हुए तैयार
की गई यह इमारत किसी भी तरह के आतंकवादी हमले से पूरी तरह सुरक्षित है और अपहृत
विमानों के टकराने से ध्वस्त हुए मूल टॉवरों से कहीं ज्यादा मजबूत है”.
इस इमारत के उद्घाटन के पहले दिन प्रकाशन कंपनी ‘कोन्डे नास्ट’ के कर्मचारियों ने यहां काम किया. वोग,
द न्यू यॉर्कर और वैनिटी फेयर जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करनेवाली
यह कंपनी अगले वर्ष के शुरू तक 3,000 और कर्मियों को यहां ले
आएगी. कुल 104 मंजिला इस टावर में ‘कोन्डे
नास्ट’ ने 25 मंजिलें ली हैं.
अमेरिका की सबसे ऊंची इस इमारत वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थल का स्वामित्व
पोर्ट अथॉरिटी ऑफ न्यूयॉर्क एंड न्यू जर्सी के पास ही है. कुल 1,776
फुट (541 मीटर) ऊंचे नए टॉवर से थोड़ी ही दूर
दो स्मारक फव्वारे तैयार किए गए. ध्वस्त हुए टॉवरों की जगह पर तैयार ये फव्वारे उन
2,700 से ज्यादा लोगों की याद में बनाए गए जो 11 सितंबर 2001 को किए गए आतंकवादी हमले में मारे गए
थे.
इस गगनचुंबी इमारत को फिर से बनाने में 8 वर्ष लगे और 3.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च हुआ.
यह इमारत वर्तमान में अमेरिका की सबसे ऊंची इमारत है. इस इमारत का 60 प्रतिशत हिस्सा किराए पर दिया गया और सरकार ने 2,75,000 वर्ग फीट लेने का करार किया.
541 मीटर ऊंची ये इमारत पुरानी इमारत के बीच में बनाई गई है. इस बिल्डिंग में पुरानी इमारत की याद में बनाए स्मारक और संग्रहालय को भी जगह दी गई.
541 मीटर ऊंची ये इमारत पुरानी इमारत के बीच में बनाई गई है. इस बिल्डिंग में पुरानी इमारत की याद में बनाए स्मारक और संग्रहालय को भी जगह दी गई.
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