शांति को बढ़ावा देने के लिए खेल को साधन के रुप में देखने के यूएन प्रस्ताव का आईओसी ने स्वागत -(06-NOV-2014) C.A

| Thursday, November 6, 2014
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेलों पर संयुक्त राष्ट्र के संकल्प का 3 नवंबर 2004 को स्वागत किया. इसे 16 अक्टूबर 2014 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 69वें नियमित सत्र में सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया.
संकल्प की मुख्य बातें
यह खेलों की स्वतंत्रता और स्वायत्ता का समर्थन करने के साथसाथ ओलंपिक आंदोलन में आईओसी के मिशन का समर्थन करेगी. 
इसने संयुक्त राष्ट्र प्रणाली और उन्हें देशों के कार्यक्रम की प्रमुख भूमिका के साथसाथ खेलों और शारीरिक शिक्षा के जरिए मानव विकास को बढ़ावा देने के सदस्य देशों औऱ उनके विदेशी कार्यक्रमों की भूमिका को भी स्वीकार किया. 
इसने सदस्य देशों और अन्य प्रासंगिक हितधारकों को विकास और शांति के लिए खेल अंतरराष्ट्रीय कार्य समूह (स्पोर्ट्स फॉर डेवलपमेंट एंड पीस इंटरनेशनल वर्किंग ग्रुप) से जुड़ने और उसका समर्थन करने के लिए आमंत्रित किया ताकि वह परिकल्पित विषयों पर ठोस काम कर सके, इसमें खेल और स्वास्थ्य पर लंबित पड़ा विषयगत कार्य समूह भी शामिल है. 
इसने सदस्य देशों को ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑफ स्पोर्ट्स फॉर डेवलपमेंट एंड पीस से जुड़ने और उसमें हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया. 
इसने महासचिव से महासभा के 71वें सत्र में वर्तमान संकल्प के कार्यान्वयन पर रिपोर्ट करने का भी अनुरोध किया. 
इसने 71वें सत्र में अपने अनंतिम एजेंडे विकास और शांति के लिए खेल ( स्पोर्ट्स फॉर डेवलपमेंट एंड पीस) को शामिल करने का भी फैसला किया.
 
टिप्पणी
आईओसी स्वशासन के लिए बहुत उत्सुक है ताकि राष्ट्रीय ओलंपिक निकाय जिन पर उनका अधिकार है और जिस पर वह अपना एकमात्र नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न कर पाएं. ओलंपिक में कई राजनीतिक विवाद हुए हैं, इसमें सबसे मशहूर विवाद संयुक्त राज्य अमेरिका का था और फिर उसके बाद सोवियत संघ ने 1980 में मॉस्को में और 2010 में लॉस एंजेल्स में बहिष्कार का रहा.



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