सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय वर्ष 2011 और 2012 के लिए 9 सितंबर 2014 को भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार से सम्मानित किया. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार वर्ष 1983 में शुरु हुआ था. यह पुरस्कार प्रकाशन विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है.
वर्ष 2011 के लिए
वर्ष 2011 के लिए
पत्रकारिता और जनसंचार श्रेणी:
प्रथम पुरस्कार: विजय दत्त श्रीधर को पहला संपादकीय के लिए
द्वितीय पुरस्कार: हरीश चंद्र बर्नवाल को उनकी पुस्तक ‘टेलीविजन की भाषा’ के लिए
तृतीय पुरस्कार: संतोष कुमार निर्मल ने अपनी पुस्तक ‘फिल्में और प्रचार : तब से अब तक’ के लिए.
द्वितीय पुरस्कार: हरीश चंद्र बर्नवाल को उनकी पुस्तक ‘टेलीविजन की भाषा’ के लिए
तृतीय पुरस्कार: संतोष कुमार निर्मल ने अपनी पुस्तक ‘फिल्में और प्रचार : तब से अब तक’ के लिए.
महिलाओं के मुद्दों से संबंधित श्रेणी:
गीताश्री को उनकी कृति ‘औरत की बोली’ के लिए
राष्ट्रीय एकता श्रेणी:
डॉ नवरत्न कपूर को उनकी पुस्तक ‘त्यौहारों तथा मेलों की विचित्रताएं’, ‘जनसंचार माध्यम और राष्ट्रीय एकता’ के लिए.
बाल साहित्य श्रेणी:
प्रथम पुरस्कार: बानो सरताज को उनकी किताब ‘पाक्य और परीक्षम’ के लिए
द्वितीय पुरस्कार: श्री राजीव सक्सेना को ‘प्रोफेसर खुराना के क्लोन’ के लिए
प्रथम पुरस्कार: बानो सरताज को उनकी किताब ‘पाक्य और परीक्षम’ के लिए
द्वितीय पुरस्कार: श्री राजीव सक्सेना को ‘प्रोफेसर खुराना के क्लोन’ के लिए
वर्ष 2012 के लिए:
पत्रकारिता और जनसंचार श्रेणी
प्रथम पुरस्कार: विजया लक्ष्मी सिन्हा को उनकी पुस्तक ‘मैनें आवाज़ को देखा’ के लिए
द्वितीय पुरस्कार: माधव हाडा को उनकी पुस्तक ‘सीढ़ीयां चढ़ता मीडिया’ के लिए
तृतीय पुरस्कार: सुरेश कुमार को उनकी पुस्तक ‘ऑनलाइन मीडिया’ के लिए
द्वितीय पुरस्कार: माधव हाडा को उनकी पुस्तक ‘सीढ़ीयां चढ़ता मीडिया’ के लिए
तृतीय पुरस्कार: सुरेश कुमार को उनकी पुस्तक ‘ऑनलाइन मीडिया’ के लिए
महिलाओं के मुद्दों से संबंधित श्रेणी:
प्रथम पुरस्कार: उर्मिला कुमारी को उनकी पुस्तक जार जार तार तार के लिए
द्वितीय पुरस्कार: संजुला थानवी को उनकी पुस्तक मानवाधिकार, ‘पंचायती राज से सशक्त नारी’ के लिए
बाल साहित्य वर्ग
द्वितीय पुरस्कार: संजुला थानवी को उनकी पुस्तक मानवाधिकार, ‘पंचायती राज से सशक्त नारी’ के लिए
बाल साहित्य वर्ग
प्रथम पुरस्कार: डॉ मोहम्मद अरशद खान को उनकी पुस्तक पुस्तक मिकी माउस के लिए
द्वितीय पुरस्कार: पवित्र अग्रवाल को उनकी पुस्तक ‘फूलों से प्यार’ के लिए
पुरस्कार के बारे में
यह पुरस्कार शुरूआत में पत्रकारिता और जनसंचार में दिए गए थे. अन्य तीन श्रेणियों, राष्ट्रीय एकता, महिलाओं के मुद्दे और बाल साहित्य को वर्ष 1992 में जोड़ा गया था.
भारतीय लेखकों द्वारा हिंदी में मौलिक लेखन पुरस्कार के लिए पात्रता मानदंड है.
यह पुरस्कार शुरूआत में पत्रकारिता और जनसंचार में दिए गए थे. अन्य तीन श्रेणियों, राष्ट्रीय एकता, महिलाओं के मुद्दे और बाल साहित्य को वर्ष 1992 में जोड़ा गया था.
भारतीय लेखकों द्वारा हिंदी में मौलिक लेखन पुरस्कार के लिए पात्रता मानदंड है.
यह पुरस्कार हिंदी और मास कम्युनिकेशन यानी पत्रकारिता, प्रचार, विज्ञापन, रेडियो, टेलीविजन, फिल्म, मुद्रण, प्रकाशन आदि में मौलिक और रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए दिए गए.
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