कैदत अल– जिहादः दक्षिण एशिया में जिहाद का झंडा बुलंद करने के लिए आतंकवादी संगठन
अल–कायदा प्रमुख अयमान अल–जवाहिरी ने आतंकवादी संगठन की नई शाखा कैदत अल–जिहाद के बनाए जाने की घोषणा 3 सितंबर 2014 को की. इस शाखा को इस्लामी शासन के प्रसार और दक्षिण एशिया में जिहाद का झंडा बुलंद करने के लिए बनाया गया.
कैदत अल–जिहाद भारत, म्यांमार और बांग्लादेश में जंग लड़ेगा. इसके साथ ही जवाहिरी ने अफगान मूल के तालिबानी नेता मुल्ला उमर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. जवाहिरी ने भारतीय उपमहाद्वीप के लिए अल कायदा के इस नई शाखा के बनाए जाने को बर्मा, बांग्लादेश, असम, गुजरात, अहमदाबाद और कश्मीर के मुसलमानों के लिए अच्छी खबर बताया और कहा कि यह नई शाखा मुसलमानों को अन्याय और उत्पीड़न से बचाएगी.
कैदत अल–जिहाद के बनाए जाने की वजह
कैदत अल–जिहाद नाम के आतंकवादी संगठन को बनाने की वजह पिछले कुछ महीनों में इराक और सीरिया में समस्या पैदा करने वाले आतंकवादी संगठन आईएसआईएस को रोकना है. इसे अल कायदा को विश्व भर में इस्लामिक आतंकवाद के नेतृत्व को चुनौती देते हुए देखा जा रहा है.
अल–कायदा के बारे में
अल– कायदा एक वैश्विक आतंकवादी इस्लामी और बहावी संगठन है जिसकी स्थापना ओसामा बिन लादेन, अब्दुल्ला आजम और कई अन्य आतंकवादियों ने अगस्त 1988 और 1989 के आखिर के बीच में की थी. इसकी जड़े अफगानिस्तान में हुए सोवियत युद्ध से जुड़ी है.
अल–कायदा एक आतंकवादी संगठन है जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है. ये दो ऐसे देश हैं जहां उनके जीवित नेताओं के छिपे होने की आशंका है.
कैदत अल–जिहाद नाम के आतंकवादी संगठन को बनाने की वजह पिछले कुछ महीनों में इराक और सीरिया में समस्या पैदा करने वाले आतंकवादी संगठन आईएसआईएस को रोकना है. इसे अल कायदा को विश्व भर में इस्लामिक आतंकवाद के नेतृत्व को चुनौती देते हुए देखा जा रहा है.
अल–कायदा के बारे में
अल– कायदा एक वैश्विक आतंकवादी इस्लामी और बहावी संगठन है जिसकी स्थापना ओसामा बिन लादेन, अब्दुल्ला आजम और कई अन्य आतंकवादियों ने अगस्त 1988 और 1989 के आखिर के बीच में की थी. इसकी जड़े अफगानिस्तान में हुए सोवियत युद्ध से जुड़ी है.
अल–कायदा एक आतंकवादी संगठन है जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है. ये दो ऐसे देश हैं जहां उनके जीवित नेताओं के छिपे होने की आशंका है.
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