केंद्रीय
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई 2014 को लोकसभा में वित्त वर्ष 2014-15
का बजट पेश किया. प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया यह पहला ‘आम बजट’ है. आम बजट 2014-15 में कृषि क्षेत्र के लिए निम्नलिखित प्रावधान
किए गए.
आम बजट 2014-15: कृषि
• असम और झारखंड में दो और कृषि अनुसंधान संस्थान स्थापित करने हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रस्ताव.
• एग्री टेक अवसंरचना निधि हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• आंध्र प्रदेश और राजस्थान में कृषि विश्वविद्यालय और तेलंगाना व हरियाणा में बागवानी विश्वविद्यालय खोलने हेतु 200 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• जल प्रदूषण रोकने और स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु 3600 करोड़ रूपए का प्रस्ताव.
• गावों में निर्धन परिवारों के ध्यान में रखते हुए, यूरिया के लिए नई नीति बनाने का प्रावधान.
• आवास ऋण पर कर छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रूपए.
• किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की योजना शुरू करने का प्रस्ताव. इस प्रयोजनार्थ 100 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• देश भर में 100 चलती-फिरती मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 56 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• किसानों को 7 फीसदी की दर पर कर्ज देने का प्रस्ताव.
• कृषि में की सतत वृद्धि हासिल करने का प्रावधान.
• ‘प्रोटीन क्रांति’ सहित उच्च उत्पादकता पर ध्यान देने हेतुप्रौद्योगिकी चालित दूसरी हरित क्रांति प्रमुख ध्यान का क्षेत्र होगा.
• इस वर्ष 'किसान टीवी' चैनल शुरू करने का प्रस्ताव. इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रस्ताव किया गया है.
• जलवायु परिवर्तन की लहर का सामना करने के लिए 100 करोड़ आरंभिक राशि से ‘राष्ट्रीय अनुकूलन निधि’ स्थापित करने का प्रावधान.
• आम बजट 2014-15 में 8 लाख करोड़ रूपए का कृषि ऋण देने का लक्ष्य.
• बजट में बीमा क्षेत्र के लिए एफआईपीबी रूट से 49 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव.
• महंगाई रोकने के लिए 500 करोड़ रूपए का बाजार स्थिरीकरण कोष.
• समय पर कृषि ऋण लौटाने वालों को 3 प्रतिशत की ब्याज छूट इस साल भी जारी.
• निजी और किसान कृषि मंडियों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रोत्साहन देने का केंद्र सरकार का प्रस्ताव.
• किसानों के लिए 1000 करोड़ रूपए के प्रावधान के साथ प्रधानमंत्री कृषि संचयी योजना.
• किसान विकास पत्र फिर शुरू.
• जैविक कृषि विकास के लिए 100 करोड़
कृषि ऋण
• नाबार्ड के द्वारा ‘भूमिहीन किसान’ के पांच लाख संयुक्त कृषि वाले समूहों को वित्त उपलब्ध करना.
• कृषि भंडारण के लिए 5000 करोड़ रूपए का आवंटन.
वर्ष 2014-15 के दौरान कृषि ऋण हेतु आठ लाख करोड़ रूपए निर्धारित करने का लक्ष्य.
खाद्य सुरक्षा
• भारतीय खाद्य निगम की पुनर्संरचना करने, ढुलाई और वितरण संबंधी हानियों को कम करने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए प्राथमिकता आधार पर प्रारम्भ करना.
• समाज के कमजोर वर्गों को उचित कीमतों पर गेहूँ और चावल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता.
आम बजट 2014-15: कृषि
• असम और झारखंड में दो और कृषि अनुसंधान संस्थान स्थापित करने हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रस्ताव.
• एग्री टेक अवसंरचना निधि हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• आंध्र प्रदेश और राजस्थान में कृषि विश्वविद्यालय और तेलंगाना व हरियाणा में बागवानी विश्वविद्यालय खोलने हेतु 200 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• जल प्रदूषण रोकने और स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु 3600 करोड़ रूपए का प्रस्ताव.
• गावों में निर्धन परिवारों के ध्यान में रखते हुए, यूरिया के लिए नई नीति बनाने का प्रावधान.
• आवास ऋण पर कर छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रूपए.
• किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की योजना शुरू करने का प्रस्ताव. इस प्रयोजनार्थ 100 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• देश भर में 100 चलती-फिरती मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 56 करोड़ रूपए का प्रावधान.
• किसानों को 7 फीसदी की दर पर कर्ज देने का प्रस्ताव.
• कृषि में की सतत वृद्धि हासिल करने का प्रावधान.
• ‘प्रोटीन क्रांति’ सहित उच्च उत्पादकता पर ध्यान देने हेतुप्रौद्योगिकी चालित दूसरी हरित क्रांति प्रमुख ध्यान का क्षेत्र होगा.
• इस वर्ष 'किसान टीवी' चैनल शुरू करने का प्रस्ताव. इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रस्ताव किया गया है.
• जलवायु परिवर्तन की लहर का सामना करने के लिए 100 करोड़ आरंभिक राशि से ‘राष्ट्रीय अनुकूलन निधि’ स्थापित करने का प्रावधान.
• आम बजट 2014-15 में 8 लाख करोड़ रूपए का कृषि ऋण देने का लक्ष्य.
• बजट में बीमा क्षेत्र के लिए एफआईपीबी रूट से 49 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव.
• महंगाई रोकने के लिए 500 करोड़ रूपए का बाजार स्थिरीकरण कोष.
• समय पर कृषि ऋण लौटाने वालों को 3 प्रतिशत की ब्याज छूट इस साल भी जारी.
• निजी और किसान कृषि मंडियों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रोत्साहन देने का केंद्र सरकार का प्रस्ताव.
• किसानों के लिए 1000 करोड़ रूपए के प्रावधान के साथ प्रधानमंत्री कृषि संचयी योजना.
• किसान विकास पत्र फिर शुरू.
• जैविक कृषि विकास के लिए 100 करोड़
कृषि ऋण
• नाबार्ड के द्वारा ‘भूमिहीन किसान’ के पांच लाख संयुक्त कृषि वाले समूहों को वित्त उपलब्ध करना.
• कृषि भंडारण के लिए 5000 करोड़ रूपए का आवंटन.
वर्ष 2014-15 के दौरान कृषि ऋण हेतु आठ लाख करोड़ रूपए निर्धारित करने का लक्ष्य.
खाद्य सुरक्षा
• भारतीय खाद्य निगम की पुनर्संरचना करने, ढुलाई और वितरण संबंधी हानियों को कम करने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए प्राथमिकता आधार पर प्रारम्भ करना.
• समाज के कमजोर वर्गों को उचित कीमतों पर गेहूँ और चावल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता.
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