आम बजट 2014-15: कृषि क्षेत्र हेतु किए गए प्रावधान-(11-JULY-2014) C.A

| Friday, July 11, 2014
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई 2014 को लोकसभा में वित्त वर्ष 2014-15 का बजट पेश किया.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया यह पहला आम बजटहै. आम बजट 2014-15 में  कृषि क्षेत्र के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए. 

आम बजट 2014-15: कृषि  
असम और झारखंड में दो और कृषि अनुसंधान संस्थान स्थापित करने हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रस्ताव. 
एग्री टेक अवसंरचना निधि हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रावधान.
आंध्र प्रदेश और राजस्थान में कृषि विश्वविद्यालय और तेलंगाना व हरियाणा में बागवानी विश्वविद्यालय खोलने हेतु 200 करोड़ रूपए का प्रावधान.   
जल प्रदूषण रोकने और स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु 3600 करोड़ रूपए का प्रस्ताव.
गावों में निर्धन परिवारों के ध्यान में रखते हुए, यूरिया के लिए नई नीति बनाने का प्रावधान.
आवास ऋण पर कर छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रूपए.
किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की योजना शुरू करने का प्रस्ताव. इस प्रयोजनार्थ 100 करोड़ रूपए का प्रावधान.
देश भर में 100 चलती-फिरती मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 56 करोड़ रूपए का प्रावधान. 
किसानों को 7 फीसदी की दर पर कर्ज देने का प्रस्ताव. 
कृषि में की सतत वृद्धि हासिल करने का प्रावधान.
• ‘प्रोटीन क्रांतिसहित उच्च उत्पादकता पर ध्यान देने हेतुप्रौद्योगिकी चालित दूसरी हरित क्रांति प्रमुख ध्यान का क्षेत्र होगा. 
इस वर्ष 'किसान टीवी' चैनल शुरू करने का प्रस्ताव. इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रस्‍ताव किया गया है. 
जलवायु परिवर्तन की लहर का सामना करने के लिए 100 करोड़ आरंभिक राशि से राष्ट्रीय अनुकूलन निधिस्थापित करने का प्रावधान. 
आम बजट 2014-15 में 8 लाख करोड़ रूपए का कृषि ऋण देने का लक्ष्य. 
बजट में बीमा क्षेत्र के लिए एफआईपीबी रूट से 49 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव.
महंगाई रोकने के लिए 500 करोड़ रूपए का बाजार स्थिरीकरण कोष. 
समय पर कृषि ऋण लौटाने वालों को 3 प्रतिशत की ब्याज छूट इस साल भी जारी. 
निजी और किसान कृषि मंडियों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रोत्साहन देने का केंद्र सरकार का प्रस्ताव.
किसानों के लिए 1000 करोड़ रूपए के प्रावधान के साथ प्रधानमंत्री कृषि संचयी योजना.
किसान विकास पत्र फिर शुरू.
जैविक कृषि विकास के लिए 100 करोड़

कृषि ऋण 
नाबार्ड के द्वारा भूमिहीन किसानके पांच लाख संयुक्त कृषि वाले समूहों को वित्त उपलब्ध करना.    
कृषि भंडारण के लिए 5000 करोड़ रूपए का आवंटन.
वर्ष 2014-15 के दौरान कृषि ऋण हेतु आठ लाख करोड़ रूपए निर्धारित करने का लक्ष्य. 

खाद्य सुरक्षा 
भारतीय खाद्य निगम की पुनर्संरचना करने, ढुलाई और वितरण संबंधी हानियों को कम करने  और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए प्राथमिकता आधार पर प्रारम्भ करना. 
समाज के कमजोर वर्गों को उचित कीमतों पर गेहूँ और चावल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता.

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