भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार उपभोक्ताओं के
शिकायत निवारण विनियम, 2012 में संशोधन किया और अब यह दूरसंचार
उपभोक्ताओं के शिकायत निवारण (तृतीय संशोधन) विनियम, 2014 के
रूप में जाना जाता है. यह संशोधन ट्राई द्वारा 1 जुलाई 2014
को अधिसूचित किया गया.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने न्यूनतम ब्रॉडबैंड गति को बढ़ाकर 512 किलोबाइट्स प्रति सेकेंड (केबीपीएस) कर दिया है. पहले यह गति 256 केबीपीएस थी. नियामक ने इसे अधिसूचित कर दिया है.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने न्यूनतम ब्रॉडबैंड गति को बढ़ाकर 512 किलोबाइट्स प्रति सेकेंड (केबीपीएस) कर दिया है. पहले यह गति 256 केबीपीएस थी. नियामक ने इसे अधिसूचित कर दिया है.
इसके साथ ही ब्रॉडबैंड की नई परिभाषा एक डेटा कनेक्शन जो
इंटरैक्टिव सेवाओं को समर्थन देने में सक्षम होगी. इसमें इंटरनेट पहुंच भी शामिल
है. इसकी न्यूनतम डाउनलोड गति 512 केबीपीएस की
होगी.आधिकारिक गजट में प्रकाशन के बाद यह नियमन लागू होगा.
दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2012
के अनुरूप व ट्राई की सिफारिशों के आधार पर ब्रॉडबैंड की गति को
संशोधित किया है. पहले की 256 केबीपीएस की न्यूनतम गति
ब्रॉडबैंड नीति 2004 के तहत थी. सरकार ने ब्रॉडबैंड डाउनलोड
की गति को 256 केबीपीएस से बढ़ाकर 512 केबीपीएस
करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और वर्ष 2015 तक इसके 2
एमबीपीएस तक होने की उम्मीद है.
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