यूरोपीय स्वास्थ्य नियामक ने 5 जून 2014
को रैनबैक्सी के भारत में पंजाब स्थित टूनसा संयंत्र में उत्पादित
होने वाली दवाओं के निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिया.
यह प्रतिबंध यह कहते हुए हटाया गया कि इस संयंत्र में उत्पादित होने वाली दवाइयों में निर्माण के स्तर पर कई खामियां थी लेकिन यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं पैदा करतीं.
यह प्रतिबंध यह कहते हुए हटाया गया कि इस संयंत्र में उत्पादित होने वाली दवाइयों में निर्माण के स्तर पर कई खामियां थी लेकिन यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं पैदा करतीं.
यूरोपीय मेडिसीन एजेंसी (ईएमए) ने घोषणा की कि भारत के
टूनसा स्थित रैनबैक्सी लैबोरेटरीज में गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) के
साथ गैर–अनुपालन मूल्यांकन रिपोर्ट को यूरोपीय
नियामक अधिकारियों ने अंतिम रूप दे दिया.
इसमें संबंधित स्थल पर जीएमपी संबंधि कई खामियों के बारे में बताया गया लेकिन इसमें दवाओं से लोगों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार के खतरे की बात नहीं कही गई.
इसमें संबंधित स्थल पर जीएमपी संबंधि कई खामियों के बारे में बताया गया लेकिन इसमें दवाओं से लोगों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार के खतरे की बात नहीं कही गई.
नियामक अधिकारियों की मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर संयंत्र का जीएमपी प्रमाणपत्र फिर से बहाल किया जाएगा जिसे यूरोपीय संघ ने जनवरी 2014 में निलंबित कर दिया था.
यह प्रमाणपत्र जीएमपी प्रमाणपत्रों के ईयू डाटाबेस–इयूड्रा जीएमडीपी में फिर से दर्ज किया जाएगा.
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