भारत ने 2 अक्टूबर 2016 को संयुक्त राष्ट्र में पेरिस जलवायु समझौते का अनुमोदन किया. इस अनुमोदन के कारण इसके वर्ष 2016 के अंत तक लागू हो जाने के आसार बढ़ गये हैं.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन द्वारा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हस्ताक्षरित अनुमोदन को संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में ट्रीटीज डिविजन के प्रमुख सैंटियागो विलालपांडो को यह अनुमोदन सौंपा गया.
यह अनुमोदन महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन द्वारा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हस्ताक्षरित अनुमोदन को संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में ट्रीटीज डिविजन के प्रमुख सैंटियागो विलालपांडो को यह अनुमोदन सौंपा गया.
यह अनुमोदन महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया.
प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने अपने सन्देश में कहा कि पेरिस जलवायु समझौते का अनुमोदन करना गांधी जी की विरासत का स्मरण करना है.
पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2016 को पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते पर 175 देशों ने हस्ताक्षर किये थे. अब तक इस समझौते पर कुल 191 देश हस्ताक्षर कर चुके हैं. इस समझौते को उस समय लागू किया जायेगा जब कार्बन उत्सर्जन के लिए उत्तरदायी 55 प्रतिशत देश इसका अनुमोदन कर देंगे. भारत को मिलाकर उन 62 देशों ने इसका अनुमोदन कर दिया है जो वैश्विक कार्बन गैस उत्सर्जन के लिए उत्तरदायी हैं. गौरतलब है कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश है. पेरिस जलवायु समझौते के अंतर्गत यह सहमति बनी थी कि सभी देश मिलकर पृथ्वी का तापमान 2 डिग्री तक कम करेंगे. इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए सहमति भी जताई गयी थी.
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