केंद्रीय वितमंत्री अरुण जेटली ने 29 फरवरी 2016 को लोकसभा में वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश किया. इसमें कृषि एवं किसान कल्याण से संबंधित निम्नलिखित घोषणाएं की गई.
• कृषि एवं किसान कल्याण हेतु 35,984 करोड़ रूपये का आवंटन.
• प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को मिशन मोड़ में लागू किये जाने की घोषणा.
• प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन 28.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र शामिल करने की घोषणा.
• एआईबीपी के तहत 89 परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक किया जाएगा जो अन्य 80.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के तहत लाने में मदद करेगा.
• लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की प्रारंभिक कार्पस राशि से नाबार्ड में एक समर्पित दीर्घावधि सिंचाई निधि बनाई जाएगी.
• बहुपक्षीय वित्त पोषण के लिए 6 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से भूजल संसाधनों के ठोस प्रबंधन के लिए एक ऐसे ही कार्यक्रम का प्रस्ताव.
• मार्च 2017 तक 14 करोड़ कृषि जोतों के कवरेज के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के लिए लक्ष्य निर्धारित.
• उर्वरक कंपनियों के 2,000 मॉडल खुदरा विक्रय केंद्रों को अगले तीन वर्षों में मृदा एवं बीज परीक्षण सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी.
• जैव खेती के तहत 5 लाख एकड़ वर्षा जल क्षेत्रों को लाने के लिए 'परंपरागत कृषि विकास योजना' की घोषणा.
• पूर्वोत्तर क्षेत्र में 'जैव मूल्य श्रृंखला विकास योजना', जिससे कि उनके जैव उत्पादों को घरेलू एवं निर्यात बाजार प्राप्त हो सके.
• 14 अप्रैल 2016 को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के जन्मदिवस पर एकीकृत कृषि विपणन ई-मंच राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा.
• किसानों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए तीन विशिष्ट पहलों की घोषणा, जिसमें खरीदारी का विकेन्द्रीकरण, एफसीआई के माध्यम से ऑनलाइन खरीदारी प्रणाली और दालों की खरीदारी के लिए प्रभावी प्रबंध करना शामिल है.
• दुग्धी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए पशुधन संजीवनी, नकुल स्वास्थ्य पत्र, उन्नत प्रजनन प्रौद्योगिकी, ई-पशुधन हॉट और देसी नस्लों के लिए राष्ट्रीेय जीनोमिक केन्द्र की स्थापना करने की घोषणा. इन परियोजनाओं के दौरान 850 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
• प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को मिशन मोड़ में लागू किये जाने की घोषणा.
• प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन 28.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र शामिल करने की घोषणा.
• एआईबीपी के तहत 89 परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक किया जाएगा जो अन्य 80.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के तहत लाने में मदद करेगा.
• लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की प्रारंभिक कार्पस राशि से नाबार्ड में एक समर्पित दीर्घावधि सिंचाई निधि बनाई जाएगी.
• बहुपक्षीय वित्त पोषण के लिए 6 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से भूजल संसाधनों के ठोस प्रबंधन के लिए एक ऐसे ही कार्यक्रम का प्रस्ताव.
• मार्च 2017 तक 14 करोड़ कृषि जोतों के कवरेज के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के लिए लक्ष्य निर्धारित.
• उर्वरक कंपनियों के 2,000 मॉडल खुदरा विक्रय केंद्रों को अगले तीन वर्षों में मृदा एवं बीज परीक्षण सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी.
• जैव खेती के तहत 5 लाख एकड़ वर्षा जल क्षेत्रों को लाने के लिए 'परंपरागत कृषि विकास योजना' की घोषणा.
• पूर्वोत्तर क्षेत्र में 'जैव मूल्य श्रृंखला विकास योजना', जिससे कि उनके जैव उत्पादों को घरेलू एवं निर्यात बाजार प्राप्त हो सके.
• 14 अप्रैल 2016 को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के जन्मदिवस पर एकीकृत कृषि विपणन ई-मंच राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा.
• किसानों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए तीन विशिष्ट पहलों की घोषणा, जिसमें खरीदारी का विकेन्द्रीकरण, एफसीआई के माध्यम से ऑनलाइन खरीदारी प्रणाली और दालों की खरीदारी के लिए प्रभावी प्रबंध करना शामिल है.
• दुग्धी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए पशुधन संजीवनी, नकुल स्वास्थ्य पत्र, उन्नत प्रजनन प्रौद्योगिकी, ई-पशुधन हॉट और देसी नस्लों के लिए राष्ट्रीेय जीनोमिक केन्द्र की स्थापना करने की घोषणा. इन परियोजनाओं के दौरान 850 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
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