30 वें सूरजकुण्ड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2016 का उद्घाटन एक फरवरी को किया गया. अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2016 में तेलंगाना को थीम राज्य बनाया गया है और इसमें 20 देश शिरकत कर रहे हैं.
यह मेला 15 फरवरी 2016 तक आयोजित किया जाएगा. इसका उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्य अतिथि किया.
मेले का थीम राज्य तेलंगाना को चुना गया है. तेलंगाना की ओर से मेले के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक स्थाई स्मरणीय अवसंरचना, ककातिया गेट का निर्माण किया गया है. पूर्व में 29 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2015 के लिए छत्तीसगढ़ को थीम राज्य के रूप में चुना गया था.
हरियाणा पर्यटन प्रधान सचिव एवं सूरजकुण्ड मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार सूरजकुण्ड शिल्प मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1987 में भारत हस्तशिल्प, हथकरघा, सांस्कृतिक विरासत की समृद्घि एवं विविधता को एक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था.
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष दर्शकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई है.
हरियाणा पर्यटन प्रधान सचिव एवं सूरजकुण्ड मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार सूरजकुण्ड शिल्प मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1987 में भारत हस्तशिल्प, हथकरघा, सांस्कृतिक विरासत की समृद्घि एवं विविधता को एक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था.
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष दर्शकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई है.
इनमें मेले की ऑनलाइन टिकटों की पेशकश करने वाली और अधिक वेबसाइटें और 30 से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर टिकटें उपलब्ध करवाना प्रमुख रूप से शामिल है.
मेले में लगभग 20 देशों के भाग लेने की सम्भावना है, इनमें चीन, जापान, श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, कांगो, मिस्र, थाईलैण्ड, मालदीप, रूस, किर्गिस्तान, वियतनाम, लेबनान, तुर्कमेनिस्तान, मलेशिया और बांग्लादेश शामिल हैं.
मेले के 30 वें संस्करण की प्रमुख विशेषताएं-
मेले में लगभग 20 देशों के भाग लेने की सम्भावना है, इनमें चीन, जापान, श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, कांगो, मिस्र, थाईलैण्ड, मालदीप, रूस, किर्गिस्तान, वियतनाम, लेबनान, तुर्कमेनिस्तान, मलेशिया और बांग्लादेश शामिल हैं.
मेले के 30 वें संस्करण की प्रमुख विशेषताएं-
• इस साल, आगंतुक तेलंगाना, हरियाणा और पंजाब के प्रामाणिक जायके व अन्य राज्यों की विशिष्टताओं के साथ भारतीय खाद्य पदार्थों का जायका ले सकते हैं.
• सरकार और हरियाणा के सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों की छात्राओं 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत मेले में लिए नि: शुल्क प्रवेश दिया जाएगा.
• विकलांग व्यक्तियों, और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश टिकटों पर 50 प्रतिशत छूट अलग से उपलब्ध कराया जाएगा.
• युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट कार्य दिवस पर कॉलेज के छात्रों को दी जा रही है.
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-
• सरकार और हरियाणा के सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों की छात्राओं 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत मेले में लिए नि: शुल्क प्रवेश दिया जाएगा.
• विकलांग व्यक्तियों, और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश टिकटों पर 50 प्रतिशत छूट अलग से उपलब्ध कराया जाएगा.
• युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट कार्य दिवस पर कॉलेज के छात्रों को दी जा रही है.
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-
- देश के सभी भागों से पारंपरिक कारीगरों (कलाकारों, चित्रकारों, बुनकरों और मूर्तिकारों) इस वार्षिक मेले में भाग लेते हैं और भारतीय संस्कृति, हथकरघा और हस्तशिल्प का सबसे उत्तम प्रदर्शन करते हैं.
- मेले में प्रति वर्ष एक थीम राज्य और एक साथी राष्ट्र चुना जाता है.
- थीम राज्य को बढ़ावा देने और देश की कला, संस्कृति, परंपराओं और विरासत का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया जाता है.
- साथी राष्ट्र विषय राज्य के कला, शिल्प और भोजन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए चुना जाता है.
पहली बार 2009 में मिस्र फोकस राष्ट्र था. - 26 वें सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला 2012 के दौरान थाईलैंड को पहली साथी राष्ट्र के रूप में पेश किया गया था.
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