इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के एक समूह ने ब्लड टेस्ट के माध्यम से अल्जाइमर का पता लगाने की तकनीक विकसित करने की फरवरी 2016 में घोषणा की. इससे दिमागी बीमारी अल्जाइमर का पता ब्लड टेस्ट के माध्यम से ही चल जाएगा.
संबंधित मुख्य तथ्य:
• शोधकर्ताओं ने खून में ऐसे बायोमार्कर की पहचान की है, जिससे आसानी से अल्जाइमर का पता लगाया जा सकेगा.
• अल्जाइमर में व्यक्ति की याददाश्त और समझने की शक्ति खत्म होने लगती है.
• इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर से ग्रसित होने की आशंका वाले प्रौढ़ लोगों में खास प्रोटीन एडीएनपी की पहचान की.
• शोधकर्ताओं ने खून में एडीएनपी की मात्रा और दिमाग में एमलॉयड बीटा की परत के बीच स्पष्ट संबंध देखा एवं इसी आधार पर इस तकनीक को विकसित किया.
• दिमाग में एमलॉयड की परत ही अल्जाइमर की वजह बनती है.
• शोधकर्ता एडीएनपी के स्तर और बड़ी उम्र के लोगों के आइक्यू के बीच संबंध का पता लगाने भी सफल रहे हैं.
• अभी अल्जाइमर का पता लगाने के लिए कई दौर की जांच करनी पड़ती है. शुरुआती स्तर पर इसका पता लगाना भी मुश्किल होता है.
• शोधकर्ताओं ने खून में ऐसे बायोमार्कर की पहचान की है, जिससे आसानी से अल्जाइमर का पता लगाया जा सकेगा.
• अल्जाइमर में व्यक्ति की याददाश्त और समझने की शक्ति खत्म होने लगती है.
• इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर से ग्रसित होने की आशंका वाले प्रौढ़ लोगों में खास प्रोटीन एडीएनपी की पहचान की.
• शोधकर्ताओं ने खून में एडीएनपी की मात्रा और दिमाग में एमलॉयड बीटा की परत के बीच स्पष्ट संबंध देखा एवं इसी आधार पर इस तकनीक को विकसित किया.
• दिमाग में एमलॉयड की परत ही अल्जाइमर की वजह बनती है.
• शोधकर्ता एडीएनपी के स्तर और बड़ी उम्र के लोगों के आइक्यू के बीच संबंध का पता लगाने भी सफल रहे हैं.
• अभी अल्जाइमर का पता लगाने के लिए कई दौर की जांच करनी पड़ती है. शुरुआती स्तर पर इसका पता लगाना भी मुश्किल होता है.
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