परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 6 फ़रवरी 2016 को इम्फाल, मणिपुर में ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ का शुभारंभ किया.
इस परियोजना का उद्देश्य नशे के लिए इंजेक्शन का प्रयोग करने वाले लोगों को एचआईवी/एड्स से बचाना है.
प्रोजेक्ट सनराइज की विशेषताएं
• इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत पीपल हु इंजेक्ट ड्रग्स(पीडब्ल्यूआईडी), फीमेल इंजेक्शन ड्रग यूज़र(आईडीयू) को कवर किया जाएगा.
• यह एक पांच वर्षीय पारियोजना है जो नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम(एनएसीपी) का पूरक है.
• यह परियोजना 8 पूर्वोत्तर राज्यों के 20 जिलों में लागू की जाएगी. इस परियोजना की अनुमानित लागत 70 करोड़ रुपए है.
• इस परियोजना के तहत सीरिंज इत्यादि को सरकारी स्वास्थ्य सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को दिया जाएगा.
• इस परियोजना के तहत पूर्वोत्तर की नशे से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयोग की जाने वाली ओएसटी(ओरल सबस्तीटयूशन थेरेपी) को और बेहतर किया जाएगा. इसके तहत ओएसटी सेवा केंद्र खोलने की समय सीमा भी बढ़ाई जाएगी.
ज्ञात हो देश में इंजेक्शन से नशा लेने वालों में एड्स और दूसरी बीमारियां पाई जा रही है. देश में इंजेक्शन से नशा लेने वालों में औसतन 7.14 प्रतिशत एड्स ग्रस्त हैं.
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