आन्ध्र प्रदेश 5 दिसम्बर 2015 को केंद्र सरकार की उज्जवल डिस्कॉम आश्वासन योजना में शामिल होने वाला पहला राज्य बना. इस योजना का उद्देश्य कर्ज में डूबी उर्जा कम्पनियों का पुनरुद्धार करना है.
आन्ध्र प्रदेश ने उर्जा मंत्रालय द्वारा उदय में शामिल होने की मंजूरी देने के बाद इसमें शामिल होने का निर्णय लिया.
उदय योजना में ऋण, उर्जा की लागत, तकनीकी एवं वाणिज्यिक घाटे को कम करने हेतु प्रयास किये जायेंगे. परिणामस्वरूप उर्जा कम्पनियां 24x7 उर्जा उपलब्ध करा सकेंगी.
यह एक वैकल्पिक योजना है जिसमें राज्य सरकारें, राज्य डिस्कॉम एवं केंद्र सरकार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके शामिल हो सकते हैं.
इसके अतिरिक्त उदय योजना में शामिल होने वाले राज्य हैं झारखण्ड (दूसरा राज्य) एवं राजस्थान (तीसरा राज्य).
आन्ध्र प्रदेश ने उर्जा मंत्रालय द्वारा उदय में शामिल होने की मंजूरी देने के बाद इसमें शामिल होने का निर्णय लिया.
उदय योजना में ऋण, उर्जा की लागत, तकनीकी एवं वाणिज्यिक घाटे को कम करने हेतु प्रयास किये जायेंगे. परिणामस्वरूप उर्जा कम्पनियां 24x7 उर्जा उपलब्ध करा सकेंगी.
यह एक वैकल्पिक योजना है जिसमें राज्य सरकारें, राज्य डिस्कॉम एवं केंद्र सरकार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके शामिल हो सकते हैं.
इसके अतिरिक्त उदय योजना में शामिल होने वाले राज्य हैं झारखण्ड (दूसरा राज्य) एवं राजस्थान (तीसरा राज्य).
उदय योजना की विशेषताएं
• राज्य सरकार डिस्कॉम पर देय 30 सितंबर 2015 तक का 75 प्रतिशत ऋण चुकाएगी.
• केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे में 2015-16 एवं 2016-17 के ऋण को शामिल नहीं करेगी.
• राज्य सरकार बाज़ार में नॉन-एसएलआर बांड जारी करेगी अथवा ऋण की मार झेल रहे डिस्कॉम को प्रत्यक्ष रूप से बांड भेजेगी.
• राज्य द्वारा भविष्य में होने वाले घाटे को वहन किया जायेगा.
• जो राज्य उदय योजना में शामिल हुए हैं उन्हें अतिरिक्त फण्ड मुहैया कराया जायेगा.
• जो राज्य परिचालन व्यवस्था के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रहे उन्हें आईपीडीएस एवं डीडीयूजीजेवाई अनुदान पर उनके दावे से बाहर रखा जा सकता है.
• राज्य सरकार डिस्कॉम पर देय 30 सितंबर 2015 तक का 75 प्रतिशत ऋण चुकाएगी.
• केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे में 2015-16 एवं 2016-17 के ऋण को शामिल नहीं करेगी.
• राज्य सरकार बाज़ार में नॉन-एसएलआर बांड जारी करेगी अथवा ऋण की मार झेल रहे डिस्कॉम को प्रत्यक्ष रूप से बांड भेजेगी.
• राज्य द्वारा भविष्य में होने वाले घाटे को वहन किया जायेगा.
• जो राज्य उदय योजना में शामिल हुए हैं उन्हें अतिरिक्त फण्ड मुहैया कराया जायेगा.
• जो राज्य परिचालन व्यवस्था के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रहे उन्हें आईपीडीएस एवं डीडीयूजीजेवाई अनुदान पर उनके दावे से बाहर रखा जा सकता है.
0 comments:
Post a Comment