भारतीय मूल की 15 वर्षीय किशोरी स्वेथा प्रभाकरन को 15 सितम्बर 2015 को अमेरिका में व्हाइट हाउस द्वारा चैंपियंस ऑफ़ चेंज पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उसे यह पुरस्कार एक विशेष कार्यक्रम द्वारा अपने समुदाय को सशक्त बनाने के कारण प्रदान किया गया.
थॉमस जेफरसन हाई स्कूल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा स्वेथा प्रभाकरन उन 11 महिलाओं में शामिल है, जिन्हें अपने समुदायों को सशक्त बनाने के लिए "चैंपियंस ऑफ चेंज" पुरस्कार के लिए चुना गया.
स्वेथा 'एवरीबडी कोड नाऊ’ नामक गैर सरकारी संस्था की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं जो अगली पीढ़ी के युवाओं को इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के लिए सशक्त बनाने का काम करता है.
थॉमस जेफरसन हाई स्कूल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा स्वेथा प्रभाकरन उन 11 महिलाओं में शामिल है, जिन्हें अपने समुदायों को सशक्त बनाने के लिए "चैंपियंस ऑफ चेंज" पुरस्कार के लिए चुना गया.
स्वेथा 'एवरीबडी कोड नाऊ’ नामक गैर सरकारी संस्था की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं जो अगली पीढ़ी के युवाओं को इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के लिए सशक्त बनाने का काम करता है.
स्वेथा के निर्देशन के तहत इस संस्था ने सैकड़ों छात्रों को अपनी संस्था के बारे में बताया और स्कूलों की एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) गतिविधियों के लिए हजारों डॉलर एकत्र किए. स्वेथा के माता-पिता 1998 में तमिलनाडु से अमेरिका आ गए थे.
चैंपियंस ऑफ़ चेंज पुरस्कार
यह पुरस्कार उन अमेरिकी लोगों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपने असाधारण प्रयासों से अपने समुदाय को शिक्षित करने अथवा उसे सशक्त बनाने में ठोस कदम उठाये हों. व्हाइट हाउस प्रत्येक वर्ष यह पुरस्कार प्रदान करता है.
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