भारत और इंडोनशिया ने 9 सितंबर 2015 को आपराधिक मामलों में वांछित कैदियों की स्वदेश प्रवर्तन और सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.
इस विषय में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपराधिक मामलों के संबंध में सेवा या सम्मन या वारंट के निष्पादन के लिए एक आधिकारिक गजट द्वारा अधिसूचना जारी की.
इस समझौते के तहत भारत आरोपी व्यक्ति को इंडोनेशियाई अदालत द्वारा जारी किए गए वारंट के अनुसार उपस्थित होने के लिए कह सकता है. इसी प्रकार इंडोनेशिया कोर्ट भी भारत द्वारा जारी समन का आदेश मानने के लिए बाध्य होगा.
इस विषय में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपराधिक मामलों के संबंध में सेवा या सम्मन या वारंट के निष्पादन के लिए एक आधिकारिक गजट द्वारा अधिसूचना जारी की.
इस समझौते के तहत भारत आरोपी व्यक्ति को इंडोनेशियाई अदालत द्वारा जारी किए गए वारंट के अनुसार उपस्थित होने के लिए कह सकता है. इसी प्रकार इंडोनेशिया कोर्ट भी भारत द्वारा जारी समन का आदेश मानने के लिए बाध्य होगा.
इस तरह के सम्मन या वारंट मंत्रालय की आंतरिक सुरक्षा प्रभाग-II को भेजे जायेंगे जो इंडोनेशिया के कानून और मानव अधिकार के मंत्रालय के अधीन है.
इसके अतिरिक्त इंडोनशिया में चलाए जाने वाले आपराधिक मामले में जांच या पूछताछ के दौरान व्यक्ति की उपस्थिति के लिए समन आंतरिक सुरक्षा प्रभाग-II को भेजा जायेगा.
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