शहरी विकास मंत्रालय ने देश में विभिन्न मेट्रो तथा अन्य परिवहन प्रणालियों में आबाध गति से यात्रा तथा खरीदारी के लिए 1 सितम्बर 2015 को उपभोक्ता अनुकूल स्मार्ट नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) प्रस्तुत किया है. शहरी विकास मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने इस संबंध में संग्रहित मूल्य के साथ ईएमवी ओपन लूप कार्ड को मंजूरी प्रदान की है.
विदित हो यह कार्ड लाने के लिए शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने शहरी विकास मंत्रालय के अवर सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया और समिति से ऐसा कार्ड लाने की सिफारिश की, जो देश के विभिन्न परिवहन प्रणालियों में यात्रा करने के साथ-साथ क्रेडिट/डेबिट कार्ड के रूप में भी इस्तेमाल हो सके. इस समिति में नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी), सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांश कम्प्यूटिंग (सी-डैक), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), भारत का भुगतान निगम (एनसीपीआई) तथा वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि थे.
विदित हो यह कार्ड लाने के लिए शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने शहरी विकास मंत्रालय के अवर सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया और समिति से ऐसा कार्ड लाने की सिफारिश की, जो देश के विभिन्न परिवहन प्रणालियों में यात्रा करने के साथ-साथ क्रेडिट/डेबिट कार्ड के रूप में भी इस्तेमाल हो सके. इस समिति में नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी), सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांश कम्प्यूटिंग (सी-डैक), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), भारत का भुगतान निगम (एनसीपीआई) तथा वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि थे.
विश्व में लागू विभिन्न मॉडलों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद समिति ने संग्रहित मूल्य के साथ ईएमवी ओपन लूप कार्ड की सिफारिश की और श्री वेंकैया नायडू ने इसकी स्वीकृति प्रदान की है.
मेक-इन-इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप शहरी विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय भुगतान निगम को क्लीयरिंग, भुगतान समाधान, नकली कार्ड, टर्मिनल तथा नेटवर्क आदि के विकास और प्रबंधन का काम सौंपा है.
सी-डैक मेट्रो प्रवेश द्वार/वैधता द्वार के लिए मानक और हार्डवेयर विकसित करेगा.इस संबंध में 4.47 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं. एनपीसीआई या किसी अऩ्य सरकारी एजेंसी द्वारा प्रमाणन तथा पुष्टि व्यवस्था विकसित की जाएगी.
मेक-इन-इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप शहरी विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय भुगतान निगम को क्लीयरिंग, भुगतान समाधान, नकली कार्ड, टर्मिनल तथा नेटवर्क आदि के विकास और प्रबंधन का काम सौंपा है.
सी-डैक मेट्रो प्रवेश द्वार/वैधता द्वार के लिए मानक और हार्डवेयर विकसित करेगा.इस संबंध में 4.47 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं. एनपीसीआई या किसी अऩ्य सरकारी एजेंसी द्वारा प्रमाणन तथा पुष्टि व्यवस्था विकसित की जाएगी.
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