राजस्थान सरकार ने 5 जून 2015 को ‘राजस्थान पर्यटन
इकाई नीति-2015’ जारी किया. राजस्थान सरकार की ओर से
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नई दिल्ली में आयोजित एम्बेसडसर
राउंड-टेबल कांफ्रेंस में ‘राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015’
जारी की. नई पर्यटन नीति तत्काल प्रभावी होगी. इस नीति से सम्बन्धित
अधिसूचनाएं इसके साथ ही जारी कर दी गई.
राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015 में प्रस्तावित आर्थिक लाभ एवं रियायतें उन पर्यटन इकाइयों को भी उपलब्ध होंगी, जो पूर्ववर्ती पर्यटन इकाई नीति-2007 के अन्तर्गत अनुमोदित हैं. उल्लेखनीय है कि राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2007 के तहत वर्ष 2015 तक लगभग 1,500 पर्यटन इकाइयों के प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग द्वारा अनुमोदित किये गये. जिनसे राज्य में लगभग 12,500 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ.
राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015 के मुख्य बिन्दु:
• इस नीति में पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों को व्यापक रूप से परिभाषित किया गया है, जिनमें अब होटल, मोटेल, हैरिटेज होटल, बजट होटल, रेस्टोरेन्ट, केम्पिंग साइट, माइसध्कनवेन्शन सेन्टर, स्पोट्र्स रिसोर्ट, रिसोर्ट, हैल्थ रिसोर्ट, एम्यूजमेन्ट पार्क, एनिमल सफारी पार्क, रोप वे, ट्यूरिस्ट लग्जरी कोच, केरावेन एवं क्रूज पर्यटन समिलित है.
• नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन पर्यटन इकाइयों का भूमि सम्परिवर्तन निरूशुल्क होगा. इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में नई पर्यटन इकाइयों से विकास शुल्क नहीं लिया जायेगा.
• नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान हैरिटेज सम्पत्तियों एवं हैरिटेज होटलों को भू-सम्परिवर्तन शुल्क से मुक्त किया गया है.
• भू-सम्परिवर्तन के लिये समय सीमा निर्धारित की गई है एवं यदि कोई भी प्राधिकरण निर्धारित समय में निर्णय करने में विफल रहता है तो, भूमि को स्वतरू ही भू-सम्परिवर्तित मान लिया जायेगा.
• हैरिटेज होटलों के आच्छादित क्षेत्र पर नगरीय विकास कर आवासीय दर से वसूल किया जायेगा किन्तु उनके खुले क्षेत्र पर नगरीय विकास कर नहीं लिया जायेगा.
• हैरिटेज होटल के लिए बी.एस.यू.पी. शेल्टर फण्ड केवल सकल निर्मित क्षेत्रफल पर देय होगा.
• हैरिटेज होटलों को पट्टा जारी करने के लिये पात्र माना जाएगा.
• नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हैरिटेज होटलों के लिए सड़क की चैड़ाई की कोई बाध्यता नहीं होगी.
• हेरिटेज होटलों एवं पुरासम्पत्तियों के आच्छादित क्षेत्रफल का अधिकतम 10 प्रतिशत अथवा 1000 वर्ग मीटर जो भी कम हो में खुदरा वाणिज्यिक उपयोग स्वतरू अनुज्ञेय होगा.
• भवन योजना का अनुमोदन संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा में किया जायेगा.
• पर्यटन इकाइयों को दोगुना अर्थात् 2.25 से 4.50 एफ.ए.आर. अनुज्ञेय होगा.
• सभी पर्यटन इकाइयां अपने लिए मानव संसाधन प्रशिक्षित करने हेतु राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम के अन्तर्गत रोजगार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण संस्थानों के अनुमोदन के लिए पात्र होंगी.
• पर्यटन इकाई हेतु सम्परिवर्तित एवं आवंटित भूमि की लीज राशि संस्थानिक प्रयोजनार्थ निर्धारित आरक्षित दर के आधार पर ली जायेगी.
• मान्यता प्राप्त टूर ऑपरेटर के ट्यूरिस्ट लग्जरी कोचेज को स्पेशल रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट अप्रेल 2018 तक प्रदान की जायेगी
• पर्यटन इकाइयों एवं हैरिटेज होटलों को समस्त आर्थिक लाभ राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 के अन्तर्गत देय होंगे.
राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015 में प्रस्तावित आर्थिक लाभ एवं रियायतें उन पर्यटन इकाइयों को भी उपलब्ध होंगी, जो पूर्ववर्ती पर्यटन इकाई नीति-2007 के अन्तर्गत अनुमोदित हैं. उल्लेखनीय है कि राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2007 के तहत वर्ष 2015 तक लगभग 1,500 पर्यटन इकाइयों के प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग द्वारा अनुमोदित किये गये. जिनसे राज्य में लगभग 12,500 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ.
राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015 के मुख्य बिन्दु:
• इस नीति में पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों को व्यापक रूप से परिभाषित किया गया है, जिनमें अब होटल, मोटेल, हैरिटेज होटल, बजट होटल, रेस्टोरेन्ट, केम्पिंग साइट, माइसध्कनवेन्शन सेन्टर, स्पोट्र्स रिसोर्ट, रिसोर्ट, हैल्थ रिसोर्ट, एम्यूजमेन्ट पार्क, एनिमल सफारी पार्क, रोप वे, ट्यूरिस्ट लग्जरी कोच, केरावेन एवं क्रूज पर्यटन समिलित है.
• नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन पर्यटन इकाइयों का भूमि सम्परिवर्तन निरूशुल्क होगा. इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में नई पर्यटन इकाइयों से विकास शुल्क नहीं लिया जायेगा.
• नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान हैरिटेज सम्पत्तियों एवं हैरिटेज होटलों को भू-सम्परिवर्तन शुल्क से मुक्त किया गया है.
• भू-सम्परिवर्तन के लिये समय सीमा निर्धारित की गई है एवं यदि कोई भी प्राधिकरण निर्धारित समय में निर्णय करने में विफल रहता है तो, भूमि को स्वतरू ही भू-सम्परिवर्तित मान लिया जायेगा.
• हैरिटेज होटलों के आच्छादित क्षेत्र पर नगरीय विकास कर आवासीय दर से वसूल किया जायेगा किन्तु उनके खुले क्षेत्र पर नगरीय विकास कर नहीं लिया जायेगा.
• हैरिटेज होटल के लिए बी.एस.यू.पी. शेल्टर फण्ड केवल सकल निर्मित क्षेत्रफल पर देय होगा.
• हैरिटेज होटलों को पट्टा जारी करने के लिये पात्र माना जाएगा.
• नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हैरिटेज होटलों के लिए सड़क की चैड़ाई की कोई बाध्यता नहीं होगी.
• हेरिटेज होटलों एवं पुरासम्पत्तियों के आच्छादित क्षेत्रफल का अधिकतम 10 प्रतिशत अथवा 1000 वर्ग मीटर जो भी कम हो में खुदरा वाणिज्यिक उपयोग स्वतरू अनुज्ञेय होगा.
• भवन योजना का अनुमोदन संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा में किया जायेगा.
• पर्यटन इकाइयों को दोगुना अर्थात् 2.25 से 4.50 एफ.ए.आर. अनुज्ञेय होगा.
• सभी पर्यटन इकाइयां अपने लिए मानव संसाधन प्रशिक्षित करने हेतु राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम के अन्तर्गत रोजगार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण संस्थानों के अनुमोदन के लिए पात्र होंगी.
• पर्यटन इकाई हेतु सम्परिवर्तित एवं आवंटित भूमि की लीज राशि संस्थानिक प्रयोजनार्थ निर्धारित आरक्षित दर के आधार पर ली जायेगी.
• मान्यता प्राप्त टूर ऑपरेटर के ट्यूरिस्ट लग्जरी कोचेज को स्पेशल रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट अप्रेल 2018 तक प्रदान की जायेगी
• पर्यटन इकाइयों एवं हैरिटेज होटलों को समस्त आर्थिक लाभ राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 के अन्तर्गत देय होंगे.
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