दिल्ली में प्रदूषण के
बढ़ते स्तर को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने 7 अप्रैल 2015 को 10 वर्ष से
पुराने डीजल वाहनों पर दिल्ली और एनसीआर में प्रवेश पर रोक लगाई.
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की
अध्यक्षता वाली एनजीटी की बैंच ने निर्णय सुनाते हुए दिल्ली सरकार को यह भी आदेश
दिया कि वाहनों पर प्रतिबंध के साथ ही अब दिल्ली और एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र भी जारी नहीं किए जा सकेंगे.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने सरकार को दिल्ली के सभी बॉर्डर पर पॉल्यूशन, वजन और गाड़ी की उम्र जाचने के लिए चैकिंग पॉइंट स्थापित करने का भी आदेश दिया. इससे पहले पिछले साल एनजीटी 15 साल पुरानी पेट्रोल कारों को दिल्ली की सड़कों पर उतारने पर पाबंदी लगा चुकी है.
विदित हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 16 मार्च 2015 को जारी एक आदेश में दिल्ली सरकार से राजधानी में दस साल पुराने डीजल के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर रिपोर्ट पेश करने को कहा था. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार ने सरकार से कहा था कि वह दिल्ली में डीजल से चलने वाले सभी वाहनों की संख्या व उनसे हवा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताए.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने सरकार को दिल्ली के सभी बॉर्डर पर पॉल्यूशन, वजन और गाड़ी की उम्र जाचने के लिए चैकिंग पॉइंट स्थापित करने का भी आदेश दिया. इससे पहले पिछले साल एनजीटी 15 साल पुरानी पेट्रोल कारों को दिल्ली की सड़कों पर उतारने पर पाबंदी लगा चुकी है.
विदित हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 16 मार्च 2015 को जारी एक आदेश में दिल्ली सरकार से राजधानी में दस साल पुराने डीजल के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर रिपोर्ट पेश करने को कहा था. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार ने सरकार से कहा था कि वह दिल्ली में डीजल से चलने वाले सभी वाहनों की संख्या व उनसे हवा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताए.
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