पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने 4 अप्रैल 2015 को मिजोरम के राज्यपाल (अतिरिक्त
प्रभार) पद की शपथ ली. उन्होंने मिजोरम के निवर्तमान राज्यपाल अजीज कुरैशी का
स्थान लिया, जिन्हें केन्द्र सरकार ने 28 मार्च 2015 को सेवा मुक्त कर दिया.
विदित हो कि अजीज कुरैशी का कार्यकाल मई 2017
तक था. कमला बेनीवाल के बाद कुरैशी दूसरे राज्यपाल हैं, जिन्हें नरेन्द्र मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद उनके पद से हटाया
गया. उन्हें कुछ ही महीने पहले मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया था. कुरैशी उन
राज्यपालों में शामिल थे, जिन्हें पिछली यूपीए सरकार ने
नियुक्त किया था. तत्कालीन गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने उनसे सरकार बदलने के बाद पद
छोड़ने को कहा तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उस समय वह उत्तराखंड
के राज्यपाल थे.
इससे पहले नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद पिछली सरकार द्वारा नियुक्त कई राज्यपालों को हटाया गया. इनमे कमला बेनीवाल शामिल हैं, जो पहले गुजरात की राज्यपाल रही थीं. इसके साथ ही पूर्व कांग्रेस नेता वीरेन्द्र कटारिया को पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से हटा दिया गया था.
इससे पहले नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद पिछली सरकार द्वारा नियुक्त कई राज्यपालों को हटाया गया. इनमे कमला बेनीवाल शामिल हैं, जो पहले गुजरात की राज्यपाल रही थीं. इसके साथ ही पूर्व कांग्रेस नेता वीरेन्द्र कटारिया को पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से हटा दिया गया था.
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