भारत 29 अक्टूबर 2014 को
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के लिए
एक बार फिर चुन लिया गया. वर्ष 2014 मे भारत की अवधि समाप्त
हो रही थी. भारत के अलावा फिर से चुने जाने वाले अन्य देश हैं– ऑस्ट्रिया, बुर्किना फासो, फ्रांस,
जर्मनी, ग्रीस, जापान और
पुर्तगाल. एशिया प्रशांत समूह में 183 वोट जीतकर भारत फिर से
चुना गया, इसके बाज जापान और पाकिस्तान का स्थान है जिन्हें 181
– 181 वोट मिले.
भारत ने एशिया– प्रशांत समूह में
चार सीटों के लिए प्रतियोगिता की और इसे 162 वोट मिले जो कि
इस समूह में सबसे अधिक था. इसके अलावा महासभा ने पुनर्निर्वाचित सदस्यों के अलावा
दस और सदस्य देशों का चयन किया. चुने गए देश हैं– अर्जेंटिना,
ऑस्ट्रिया, ब्राजील, बुर्किना
फासो, इस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, घाना, ग्रीस, होंडूरस, जापान, मॉरिटानिया,
पाकिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद
एवं टोबैगो, युगांडा और जिम्बाब्वे.
ये चुने गए 18 देश, बाहर जाने
वाले 18 देशों का स्थान लेने के लिए चुने गए थे. ये हैं–
ऑस्ट्रिया, बेलारुस, ब्राजिल,
बुर्किना फासो, क्यूबा, डॉमनिकन
रिपब्लिक, अल स्लवाडोर, इथोपिया,
फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस,
भारत, इंडोनेशिया, जापान,
लेसोथो, लीबिया, नाइजीरिया
और पुर्तगाल. चुने गए ये 18 देशों का कार्यकाल तीन वर्षों का
होगा. कार्यकाल 1 जनवरी 2015 से शुरु
होगा.
कार्यक्रम और समन्वय समिति
महासभा ने समिति द्वारा नामांकित 13 देशों की भी घोषणा की, इनके नाम हैं– बुर्किना फासो, कैमरून, इक्वेटोरियल गिनी, नामीबिया, इरान, अर्मेनिया, बेलारुस, यूक्रेन, ब्राजिल, क्यूबा, उरुग्वे, वेनेजुएला और इटली. इन सदस्यों का चुनाव यूएनजीए ने कार्यक्रम एवं समन्वय समिति के लिए किया है. यह समिति परिषद एवं योजना, प्रोग्रामिंग एवं समन्वय सभा की प्रमुख सहायक अंग है. इनका तीन वर्ष का कार्यकाल 1 जनवरी 2015 से शुरु होगा.
चयन प्रक्रिया
नए सदस्यों का चयन निम्नलिखित प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया है–
अफ्रीकी देशों से पांच, एशिया– प्रशांत देशों से तीन, पूर्वी यूरोपीय देशों से एक, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबिया देश से चार और पश्चिम यूरोप एवं अन्य देशों से पांच.
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद में 54 सदस्य देश हैं. नव निर्वाचित देशों के अलावा अन्य देश हैं– अल्बानिया, एंटिगुआ और बारबूडा, बांग्लादेश, बेनिन, बोलिविया, बोत्स्वाना, कनाडा, चीन, कोलंबिया, कांगो, क्रोएशिया, कांगो गणराज्य, डेनमार्क, जॉर्जिया, ग्वांटेमाला, हैती, इटली, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, मॉरिशस, नेपाल, न्यूजीलैंड, पनामा, कोरिया गणराज्य, रूस संघ, सैन मरिनो, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, सूडान, स्वीडन, टोगो, ट्यूनेशिया, तुर्कमेनिस्तान, यूनाइटेड किंग्डम और अमेरिका.
महासभा ने समिति द्वारा नामांकित 13 देशों की भी घोषणा की, इनके नाम हैं– बुर्किना फासो, कैमरून, इक्वेटोरियल गिनी, नामीबिया, इरान, अर्मेनिया, बेलारुस, यूक्रेन, ब्राजिल, क्यूबा, उरुग्वे, वेनेजुएला और इटली. इन सदस्यों का चुनाव यूएनजीए ने कार्यक्रम एवं समन्वय समिति के लिए किया है. यह समिति परिषद एवं योजना, प्रोग्रामिंग एवं समन्वय सभा की प्रमुख सहायक अंग है. इनका तीन वर्ष का कार्यकाल 1 जनवरी 2015 से शुरु होगा.
चयन प्रक्रिया
नए सदस्यों का चयन निम्नलिखित प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया है–
अफ्रीकी देशों से पांच, एशिया– प्रशांत देशों से तीन, पूर्वी यूरोपीय देशों से एक, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबिया देश से चार और पश्चिम यूरोप एवं अन्य देशों से पांच.
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद में 54 सदस्य देश हैं. नव निर्वाचित देशों के अलावा अन्य देश हैं– अल्बानिया, एंटिगुआ और बारबूडा, बांग्लादेश, बेनिन, बोलिविया, बोत्स्वाना, कनाडा, चीन, कोलंबिया, कांगो, क्रोएशिया, कांगो गणराज्य, डेनमार्क, जॉर्जिया, ग्वांटेमाला, हैती, इटली, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, मॉरिशस, नेपाल, न्यूजीलैंड, पनामा, कोरिया गणराज्य, रूस संघ, सैन मरिनो, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, सूडान, स्वीडन, टोगो, ट्यूनेशिया, तुर्कमेनिस्तान, यूनाइटेड किंग्डम और अमेरिका.
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