वयोवृद्ध
कथक नृत्यांगना माया राव का 31 अगस्त 2014 को हृदयघात के कारण 86 वर्ष की आयु में 1 सितंबर 2014 को निधन हो गया. माया राव ने दक्षिण भारत में नृत्य को लोकप्रियता
दिलाने में मदद की. उन्हें अभिनय और नृत्यनाटक की विशेषता के लिए जाना जाता है.
माया राव के बारे में
• माया राव का जन्म वर्ष 1928 में बंगलौर में हुआ था.
• माया राव ने लखनऊ और जयपुर घराने के शंभू महाराज और सुंदर प्रसाद से कथक का अभ्यास किया.
• माया राव ने वर्ष 1964 में सोवियत संघ से कोरियोग्राफी में परास्नातक अध्ययन किया.
• माया राव ने अपने कैरियर के आठ दशकों में दुनिया भर में 4000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया.
• माया राव ने वर्ष 1987 में मल्लेश्वरम में नृत्य और कोरियोग्राफी का नाट्य संस्थान स्थापित किया था.
• माया राव को अमीर खुसरो, कृष्णदेव, विजयनगर वैभव और मस्ती के कामना बिल्लू के नृत्यनाटक की प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है.
• माया राव ने वर्ष 1987 से वर्ष 1990 के बीच कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी के अध्यक्ष के अपने कार्यकाल के दौरान सोमनाथपुरा, पत्तादक्कल और हेलबिड के विरासत स्मारकों में राष्ट्रीय कला प्रदर्शन समारोह की शुरूआत की.
• माया राव को प्रतिष्ठित कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार (1986) और संताला पुरस्कार (2000) से सम्मानित किया गया था.
माया राव के बारे में
• माया राव का जन्म वर्ष 1928 में बंगलौर में हुआ था.
• माया राव ने लखनऊ और जयपुर घराने के शंभू महाराज और सुंदर प्रसाद से कथक का अभ्यास किया.
• माया राव ने वर्ष 1964 में सोवियत संघ से कोरियोग्राफी में परास्नातक अध्ययन किया.
• माया राव ने अपने कैरियर के आठ दशकों में दुनिया भर में 4000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया.
• माया राव ने वर्ष 1987 में मल्लेश्वरम में नृत्य और कोरियोग्राफी का नाट्य संस्थान स्थापित किया था.
• माया राव को अमीर खुसरो, कृष्णदेव, विजयनगर वैभव और मस्ती के कामना बिल्लू के नृत्यनाटक की प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है.
• माया राव ने वर्ष 1987 से वर्ष 1990 के बीच कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी के अध्यक्ष के अपने कार्यकाल के दौरान सोमनाथपुरा, पत्तादक्कल और हेलबिड के विरासत स्मारकों में राष्ट्रीय कला प्रदर्शन समारोह की शुरूआत की.
• माया राव को प्रतिष्ठित कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार (1986) और संताला पुरस्कार (2000) से सम्मानित किया गया था.
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