यूबीआई ने किंगफिशर एयरलाइन्स और इसके प्रवर्तक विजय माल्या को ‘विलफुल डिफॉल्टर’ घोषित किया-(02-SEP-2014) C.A

| Tuesday, September 2, 2014
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने 1 सितंबर 2014 को किंगफिशर एयरलाइन्स और इसके प्रवर्तक विजय माल्या को विलफुल डिफॉल्टर’ (जानबूझकर ऋण न चुकाने वाला) घोषित किया. बैंक की शिकायत निपटान समिति (जीआरसी) के इस फैसले में कंपनी के निदेशक रवि नेदुगड़ी, अनिल कुमार गांगुली और सुभाष गुप्ते का भी नाम है. इस घोषणा के बाद ये लोग और कंपनी (किंगफिशर एयरलाइन्स) भविष्य में बैंक से ऋण के पात्र नहीं होंगे. यूबीआई, किंगफिशर एयरलाइन्स एवं इसके प्रवर्तक विजय माल्या मामले में इस तरह की घोषणा करने वाला पहला बैंक है.

विदित हो कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंड पीठ ने अगस्त 2014 में यूबीआई को इस मामले में किंगफिशर एयरलाइन्स और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को ऋण जानबूझकर न चुकाने वाला घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की छूट दे थी. उसके बाद बैंक की जीआरसी की बैठक हुई. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले सह-व्यवस्था (कंसोर्टियम) के सदस्य के तौर पर किंगफिशर एयरलाइन्स को करीब 350 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. इस कंसोटियम में 17 बैंक है, जिनका इस विमानन कंपनी पर कुल 4022 करोड़ रुपये बकाया है.

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