उत्तराखंड की सरकार ने राज्य के अपर मुख्य सचिव एस राजू की अध्यक्षता
में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन 8 अगस्त 2014
को किया. मुख्य सचिव सुभाष कुमार की
अध्यक्षता में हुई बैठक में इस समिति के गठन का फैसला किया गया. समिति के अन्य सदस्य
श्रम, स्वास्थ्य, वन, खनन और उद्योग के सचिव होंगे. इस समिति को अपनी रिपोर्ट गठन के दो माह के
भीतर सौंपने को कहा गया है.
समिति का कार्य
इस समिति का कार्य राज्य में सिलिका धूल का प्रयोग करने वाले उद्योगों का विस्तृत सर्वेक्षण करना है. इसके अलावा, समिति को सिलिका धूल का प्रयोग करने वाले उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच भी आयोजित कराना है. इस स्वास्थ्य जांच में यह पता लगाया जएगा कि कर्मचारी कहीं सिलिका के धूल के संपर्क में आने से होने वाले सिलिकोसिस या अन्य श्वसन संबंधी बीमारी से तो ग्रस्त नहीं.
अगर कोई कर्मचारी किसी भी प्रकार के श्वसन संबंधी बीमारी या सिलिकोसिस से ग्रस्त पाया जाता है तो उसे उचित चिकित्सा के साथ– साथ पुनर्वास की भी सुविधा प्रदान की जाएगी. इस उद्देश्य के लिए, जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाना है. राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सिलिका धूल का प्रयोग करने वाले उद्योगों पर नजर रखना है.
इस समिति का कार्य राज्य में सिलिका धूल का प्रयोग करने वाले उद्योगों का विस्तृत सर्वेक्षण करना है. इसके अलावा, समिति को सिलिका धूल का प्रयोग करने वाले उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच भी आयोजित कराना है. इस स्वास्थ्य जांच में यह पता लगाया जएगा कि कर्मचारी कहीं सिलिका के धूल के संपर्क में आने से होने वाले सिलिकोसिस या अन्य श्वसन संबंधी बीमारी से तो ग्रस्त नहीं.
अगर कोई कर्मचारी किसी भी प्रकार के श्वसन संबंधी बीमारी या सिलिकोसिस से ग्रस्त पाया जाता है तो उसे उचित चिकित्सा के साथ– साथ पुनर्वास की भी सुविधा प्रदान की जाएगी. इस उद्देश्य के लिए, जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाना है. राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सिलिका धूल का प्रयोग करने वाले उद्योगों पर नजर रखना है.
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