पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल 31 जुलाई 2014 को पंजाब के किसानों को भूमि मुहैया
कराने के घाना के प्रस्ताव पर सहमत हुए. इस प्रस्ताव के तहत घाना की सरकार कृषि
गतिविधियों के लिए पंजाब के किसानों को लंबी अवधि के लिए पट्टे पर उपजाऊ भूमि की
पेशकश की.
यह प्रस्ताव चंडीगढ़ में घाना के प्रतिनिधिमंडल उप ऊर्जा
और पेट्रोलियम मंत्री बेंजामिन डगाड़ू और उप मुख्यमंत्री के के नेतृत्व में किया
गया था.
पंजाब के मंत्री ने घाना के मंत्री को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार पूरी परियोजना का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों की उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ही पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के विशेषज्ञों को घाना भेजेगा.
पंजाब के मंत्री ने घाना के मंत्री को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार पूरी परियोजना का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों की उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ही पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के विशेषज्ञों को घाना भेजेगा.
राज्य सरकार ने घाना में किसानों को शुरू में बसने के लिए 20000
से 25000 एकड़ जमीन देने का आश्वासन दिया.
घाना के मंत्री डगाड़ू ने पंजाब के साथ सार्थक व्यापार संबंधों को आरंभ करने हेतु
लुधियाना में व्यवसाय परामर्शदाता की नियुक्ति की भी घोषणा की. घाना का मानना है
कि पंजाब ही कृषि आधारित अर्थव्यवस्था बनने में उसकी सहायता कर सकता है.
घाना के मंत्री ने कहा कि, “पंजाब
घाना के लिए तैयार माल का भी निर्यात कर सकता है. पंजाब के उद्यमी देश में
विनिर्माण सुविधाओं को शुरू करने के लिए घाना की यात्रा कर सकते हैं और वे विभिन्न
खनिज, इमारती लकड़ी, तेल, कोको, ताड़ के तेल मछली और कपास जैसे घाना के
प्राकृतिक संसाधनों का लाभ ले सकते हैं”.
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