भारतीय
प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ब्रिटेन की खुदरा कारोबार करने वाली प्रमुख कंपनी
टेस्को के इसी क्षेत्र की भारतीय कंपनी टाटा समूह की इकाई ट्रेंट हायपरमार्केट में
50 प्रतिशत हिस्सेदारी
खरीदने की योजना को मंजूरी प्रदान की. यह वर्ष 2012 में
देश के खुदरा कारोबार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए खोलने के बाद इस क्षेत्र
में यह पहला निवेश है.
सीसीआई का अनुमोदन इसके बाद आया जबकि इसने पाया की ट्रेंट में 50% हिस्सेदारी खरीदने से व्यावसायिक गतिविधियों में कोई भी क्षैतिज अतिव्यापन उत्पन्न नहीं होगा, फलत: यह एक अनुचित प्रतिस्पर्धा नहीं था. इसके अतिरिक्त इसने पाया की ट्रेंट का वार्षिक राजस्व 2012-13 के दौरान 785 करोड़ रुपये था जो भारत के कुल खुदरा बाजार के आकार की तुलना में नगण्य था. इससे पहले दिसंबर 2013 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने टेस्को के ट्रेंट हायपरमार्केट के साथ एक संयुक्त उद्यम में 50% हिस्सेदारी के साथ कर्नाटक और महाराष्ट्र में 680 करोड़ रुपए निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की थी.
बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई नीति गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लागू नहीं हैं. ट्रेंट ने 31 मार्च 2014 को एक सहायक कंपनी फिओरा हायपरमार्केट के साथ एक भंडार हस्तांतरण समझौते में प्रवेश किया.
ट्रेंट हायपरमार्केट (टीएचएल)
ट्रेंट हायपरमार्केट भारत में बहु स्वरूप खुदरा व्यापार के व्यवसाय में लगी एक व्यापारिक कंपनी है. इसके देश भर में हाइपरमार्केट, सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों के साथ छोटे सुविधा स्टोर हैं. इस कंपनी को 1998 में स्थापित किया गया था.
टेस्को ओवरसीज इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (टीओआईएल) के बारे में
टेस्को ओवरसीज इन्वेस्टमेंट लिमिटेड एक संगठन के रूप में टेस्को पीएलसी की एक सहायक कंपनी है. वर्तमान में यह भारत में खुदरा बाजार क्षेत्र में मौजूद नहीं है. यह विश्व भर में टेस्को समूह की कई विदेशी खुदरा कारोबार करने वाली कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है. टेस्को समूह ने टेस्को हिंदुस्तान रिटेलिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से 2008 में भारत में प्रवेश किया था. वर्ष 2008 में इसने अपने खुदरा स्टोर करने के लिए माल की आपूर्ति करने के लिए टीएचएल के साथ थोक आपूर्ति समझौता किया. भारत में खुदरा बाजार की कुछ बड़ी कंपनियों में रिलायंस रिटेल, स्पेंसर्स रिटेल, फ्यूचर ग्रुप, आदित्य बिड़ला की मोर, भारती रिटेल, शॉपर्स स्टॉप आदि हैं.
टिप्पणी और विश्लेषण
सीसीआई की यह स्वीकृति नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नियुक्त नयी केंद्र सरकार के लिए राजनीतिक बहस का एक मुद्दा होगा. यह सरकार बहु ब्रांड क्षेत्र में एफडीआई के विरुद्ध में है. साथ ही निर्मला सीतारमन, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने 27 मई 2014 को पदभार संभालने के बाद कहा कि बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति जहां तक संभव होगा नहीं दी जाएगी. ये मध्यम और छोटे आकार के व्यापारियों या छोटे किसानों के जीवन को प्रभावित करेगा, क्योंकि अभी तक उनको पर्याप्त रूप से सशक्त नहीं किया जा सका है.
सीसीआई का अनुमोदन इसके बाद आया जबकि इसने पाया की ट्रेंट में 50% हिस्सेदारी खरीदने से व्यावसायिक गतिविधियों में कोई भी क्षैतिज अतिव्यापन उत्पन्न नहीं होगा, फलत: यह एक अनुचित प्रतिस्पर्धा नहीं था. इसके अतिरिक्त इसने पाया की ट्रेंट का वार्षिक राजस्व 2012-13 के दौरान 785 करोड़ रुपये था जो भारत के कुल खुदरा बाजार के आकार की तुलना में नगण्य था. इससे पहले दिसंबर 2013 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने टेस्को के ट्रेंट हायपरमार्केट के साथ एक संयुक्त उद्यम में 50% हिस्सेदारी के साथ कर्नाटक और महाराष्ट्र में 680 करोड़ रुपए निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की थी.
बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई नीति गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लागू नहीं हैं. ट्रेंट ने 31 मार्च 2014 को एक सहायक कंपनी फिओरा हायपरमार्केट के साथ एक भंडार हस्तांतरण समझौते में प्रवेश किया.
ट्रेंट हायपरमार्केट (टीएचएल)
ट्रेंट हायपरमार्केट भारत में बहु स्वरूप खुदरा व्यापार के व्यवसाय में लगी एक व्यापारिक कंपनी है. इसके देश भर में हाइपरमार्केट, सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों के साथ छोटे सुविधा स्टोर हैं. इस कंपनी को 1998 में स्थापित किया गया था.
टेस्को ओवरसीज इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (टीओआईएल) के बारे में
टेस्को ओवरसीज इन्वेस्टमेंट लिमिटेड एक संगठन के रूप में टेस्को पीएलसी की एक सहायक कंपनी है. वर्तमान में यह भारत में खुदरा बाजार क्षेत्र में मौजूद नहीं है. यह विश्व भर में टेस्को समूह की कई विदेशी खुदरा कारोबार करने वाली कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है. टेस्को समूह ने टेस्को हिंदुस्तान रिटेलिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से 2008 में भारत में प्रवेश किया था. वर्ष 2008 में इसने अपने खुदरा स्टोर करने के लिए माल की आपूर्ति करने के लिए टीएचएल के साथ थोक आपूर्ति समझौता किया. भारत में खुदरा बाजार की कुछ बड़ी कंपनियों में रिलायंस रिटेल, स्पेंसर्स रिटेल, फ्यूचर ग्रुप, आदित्य बिड़ला की मोर, भारती रिटेल, शॉपर्स स्टॉप आदि हैं.
टिप्पणी और विश्लेषण
सीसीआई की यह स्वीकृति नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नियुक्त नयी केंद्र सरकार के लिए राजनीतिक बहस का एक मुद्दा होगा. यह सरकार बहु ब्रांड क्षेत्र में एफडीआई के विरुद्ध में है. साथ ही निर्मला सीतारमन, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने 27 मई 2014 को पदभार संभालने के बाद कहा कि बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति जहां तक संभव होगा नहीं दी जाएगी. ये मध्यम और छोटे आकार के व्यापारियों या छोटे किसानों के जीवन को प्रभावित करेगा, क्योंकि अभी तक उनको पर्याप्त रूप से सशक्त नहीं किया जा सका है.
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