प्रसिद्ध बांग्ला साहित्यकार शक्तिपद राजगुरु का 12 जून 2014 को कोलकाता में निधन हो गया. वे 92 वर्ष के थे और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे.
शक्तिपद राजगुरु से संबंधित मुख्य तथ्य
शक्तिपद राजगुरु का जन्म 1 फरवरी 1922 में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में हुआ था. मुर्शिदाबाद से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक किया और वर्ष 1945 में लेखन कार्य शुरू किया.
राजगुरु द्वारा लिखी गई सात किताबों पर फिल्में बनीं जिनमे अमानुष, मेघे ढाका तारा, बरसात की एक रात प्रमुख हैं. उनके उपन्यासों का हिंदी, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी अनुवाद हुआ. उन्हें उनकी साहित्यिक रचनाओं हेतु विभूति भूषण एवं अखिल भारतीय लायन पुरस्कार (2009) से सम्मानित किया गया था.
शक्तिपद राजगुरु की प्रमुख साहित्यिक रचनाएं
मेघे ढाका, तारा मोनी बेगम, अंतरे-अंतरे, जिबोन कहानी, अनुसन्धान, अमानुष, भगिनी.
शक्तिपद राजगुरु का जन्म 1 फरवरी 1922 में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में हुआ था. मुर्शिदाबाद से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक किया और वर्ष 1945 में लेखन कार्य शुरू किया.
राजगुरु द्वारा लिखी गई सात किताबों पर फिल्में बनीं जिनमे अमानुष, मेघे ढाका तारा, बरसात की एक रात प्रमुख हैं. उनके उपन्यासों का हिंदी, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी अनुवाद हुआ. उन्हें उनकी साहित्यिक रचनाओं हेतु विभूति भूषण एवं अखिल भारतीय लायन पुरस्कार (2009) से सम्मानित किया गया था.
शक्तिपद राजगुरु की प्रमुख साहित्यिक रचनाएं
मेघे ढाका, तारा मोनी बेगम, अंतरे-अंतरे, जिबोन कहानी, अनुसन्धान, अमानुष, भगिनी.
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