वायु प्रदूषण को रोकने के लिए नई टाइटेनियम डाइऑक्साइड टाइल्स विकसित की गई-(12-JUNE-2014) C.A

| Thursday, June 12, 2014
वायु प्रदूषण को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की शोध टीम ने टाइटेनियम डाइऑक्साइड से टाइल्स विकसित करने में कामयाबी हासिल की.
टाइटेनियम डाइऑक्साइट के मिश्रण की परत जब छत पर लगाई जाएगी तो वह आसपास की हवा को स्वच्छ बना देगा. औसत आकार वाली आवासीय छत पर जब यह परत लगाई जाएगी तो इससे 17703 किलोमीटर चलाए जाने वाले कार से निकलने वाले प्रतिवर्ष नाइट्रोजन ऑक्साइड से पैदा होने वाली धुंध (स्मॉग) को हटाने में मदद मिलेगी.
 
शोधकर्ताओं ने गणना की थी कि अगर उनके टाइटेनियम डाइऑक्साइड के मिश्रण को एक मिलियन छतों पर लगाया जाता है तो इससे रोजाना 21 टन नाइट्रोजन ऑक्साइड कम किया जा सकता है.
इस परत को अपनी छत पर लगाने के लिए ज्यादा खर्च भी नहीं करना होता. इसके लिए आपको सिर्फ 5 अमेरिकी डॉलर या 300 रुपये खर्च करने होंगे.

नाइट्रोजन डाइऑक्साइड उच्च तापमान पर कुछ ईंधनों के जलने से पैदा होता है. इसके बाद यह सूर्य की रौशनी में वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों के साथ प्रतिक्रिया कर धुंध बनाता है.
 
प्रक्रिया के बारे में
सबसे पहले, शोधकर्ताओँ ने पेंट से लेकर खाद्य पदार्थों एवं सौंदर्य प्रसाधन में इस्तेमाल किए जाने वाले आम मिश्रण टाइटेनियम डाइऑक्साइड की अलगअलग मात्रा को मिट्टी के टाइलों पर लगाया. 
इसके बाद इन टाइलों को छात्रों द्वारा लकड़ी, टेफ्लॉन और पीवीसी पाइपिंग से बनाए गए लघु वायुमंडलीय कक्ष में रख दिया गया. यह कक्ष नाइट्रोजन ऑक्साइड के स्रोत और इसके स्तर को मापने वाले यंत्र से जोड़ा गया. 
उन्होंने सूर्य की रौशनी से अनुरूपता बनाने के लिए पराबैंगनी किरणों का इस्तेमाल किया जो टाइटेनियम डाइऑक्साइ को सक्रिय बनाता है और नाइट्रोजन ऑक्साइड को तोड़ देता है. उन्होंने पाया कि टाइटेनियम डाइऑक्साइड की परत वाले टाइलों ने 97 फीसदी नाइट्रोजन ऑक्साइड में से 88 फीसदी को हटा दिया.
उन्होंने यह भी पाया कि अलगअलग मात्रा, यहां तक कि एक में 12 गुना अधिक टाइटेनियम डाइऑक्साइड की परत चढाने पर भी नाइट्रोजन ऑक्साइड को हटाने में ज्यादा फर्क नहीं आया.



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