ग्रीन पोयम्स (Green Poems) : गुलजार
कवि और गीतकार गुलजार द्वारा लिखित पुस्तक ‘ग्रीन पोयम्स’ (Green Poems) का लोकार्पण पटना में 5 जून 2014 को किया गया. यह पुस्तक कविता के रूप में लिखी गई है. लोकार्पण समारोह का आयोजन बिहार के पर्यावरण और वन विभाग के सहयोग से पटना साहित्य महोत्सव द्वारा किया गया. इस पुस्तक का प्रकाशन ‘पेंगुइन इंडिया’ ने किया.
कवि और गीतकार गुलजार द्वारा लिखित पुस्तक ‘ग्रीन पोयम्स’ (Green Poems) का लोकार्पण पटना में 5 जून 2014 को किया गया. यह पुस्तक कविता के रूप में लिखी गई है. लोकार्पण समारोह का आयोजन बिहार के पर्यावरण और वन विभाग के सहयोग से पटना साहित्य महोत्सव द्वारा किया गया. इस पुस्तक का प्रकाशन ‘पेंगुइन इंडिया’ ने किया.
सेवानिवृत राजनयिक पवन के.वर्मा द्वारा ‘ग्रीन पोयम्स’ (Green Poems) पुस्तक का अंग्रेजी में
अनुवाद किया गया.
लेखक ने इस पुस्तक में सारी कायनात को कुदरत से मिली नेमतों नदियों, जंगलों, पहाड़ों, बर्फ, बारिश, बादल, आकाश, धरती और अंतरिक्ष को अपने शब्दों में ढाला है.
लेखक इस पुस्तक में अपनी पहचान के एक पेड़ और एक उजाड़ से कुंएं के बारे में भी बताते हैं. उन्होंने इसके अलावा कुल्लू, मनाली, चंबा और थिंपू को भी अपनी लेखनी का हिस्सा बनाया है.
गीतकार और फिल्म निर्देशक गुलजार को वर्ष 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
लेखक ने इस पुस्तक में सारी कायनात को कुदरत से मिली नेमतों नदियों, जंगलों, पहाड़ों, बर्फ, बारिश, बादल, आकाश, धरती और अंतरिक्ष को अपने शब्दों में ढाला है.
लेखक इस पुस्तक में अपनी पहचान के एक पेड़ और एक उजाड़ से कुंएं के बारे में भी बताते हैं. उन्होंने इसके अलावा कुल्लू, मनाली, चंबा और थिंपू को भी अपनी लेखनी का हिस्सा बनाया है.
गीतकार और फिल्म निर्देशक गुलजार को वर्ष 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
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