प्रतिभूति बाजार नियामक सेबी ने अपने निर्णय में जेट
एयरवेज की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी को इतिहाद एयरवेज
द्वारा खरीदे जाने को जेट एयरवेज के मालिकाना हक के संबंध में किसी फेरबदल नही
माना, इसलिए इस सौदे के परिप्रेक्ष्य में इतिहाद एयरवेज को
किसी भी प्रकार के पब्लिक ऑफर से छूट प्रदान की.
यह निर्णय सेबी द्वारा ही फरवरी 2014
में इतिहाद एयरवेज को सौदे के संबंध में जारी एक कारण बताओ नोटिस के
बाद आया. सेबी ने दोनो पक्षों के बीच के सौदे को मंजूरी प्रदान करते हुए वर्तमान
विनियमों के अधीन संशोधित किया था. ऐसा इसलिए किया गया था ताकि जेट एयरवेज एवं इतिहाद
एयरवेज के बीच सौदे के तहत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद भी मालिकाना हक जेट के
पास बना रहे.
जेट एयरवेज एवं इतिहाद एयरवेज सौदा
जेट एयरवेज एवं इतिहाद एयरवेज सौदा
वित्त मंत्रालय के विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी)
ने अबूधाबी की एतिहाद एयरलाइंस द्वारा जेट एयरवेज की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को 29 जुलाई 2013
को सशर्त मंजूरी दी थी. दोनो पक्षों के बीच यह सौदा भारतीय विमानन
क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सौदा है.
जेट एयरवेज एवं इतिहाद
एयरवेज सौदे की शर्तें
• जेट एयरवेज द्वारा एतिहाद एयरवेज के साथ
शेयर होल्डर समझौते में किसी प्रकार के बदलाव के लिए केंद्र की अनुमति लेगा.
• यह शर्त रखी गई है कि किसी भी विवाद की
स्थिति में सौदे पर भारतीय कानून के तहत ही निपटारा किया जाना है.
• कंपनी को अपना मुख्यालय भी भारत में ही
रखना होगा. इसे अबूधाबी या विदेश में कहीं शिफ्ट नहीं किया जा सकेगा.
• जेट द्वारा आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में भी
बदलाव किया जाना निर्धारित है.
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