सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने 1 मई 2014 को पंजाब के राजस्व मंत्री एवं राजनीतिक
पार्टी अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को ‘तनख्वाह’
(धार्मिक सजा) सुनायी. सजा के तहत बिक्रम सिंह मजीठिया को सिखों के
पांचों तख्तों में लंगर के दौरान सेवा और हाथ से सेवा करनी है.
जिन पांचों पांचों तख्तों पर पंजाब के राजस्व मंत्री को सेवा करनी है
वे हैं – श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, तख्त श्री केसगढ़
साहिब, तख्त सच्चखंड श्री हुजूर अबिचल नगर साहिब व तख्त श्री
दमदमा साहिब.
राजस्व मंत्री के लिए जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से
श्री अकाल तख्त साहिब की ड्योढ़ी से खड़े होकर धार्मिक सजा का ऐलान किया. इस दौरान
बिक्रम सिंह हाथ जोड़े खड़े थे.
सेवा के पश्चात बिक्रम सिंह श्री अकाल तख्त साहिब में
श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ करवाएंगे.
पृष्ठभूमि
बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक चुनावी सभा के दौरान सिखों के
दसवे गुरू गुरू गोविंद सिंह की पवित्र बाणी को विकृत किया था. इस घटना के विरोध
में कई सिख संगठनों ने आक्रोश व्यक्त किया था. इन संगठनों ने बिक्रम सिंह को सजा
देने की मांग की थी. इसी क्रम में पटना साहिब ने बिक्रम सिंह को पंथ से निष्कासित
करने का आदेश जारी कर दिया था और नांदेड़ (महाराष्ट्र) स्थित तख्त श्री हुजूर
साहिब की ओर से उन्हें तनखैया (धर्म का अपमान करने का दोषी) घोषित किया गया था.
अकाल तख्त
अकाल तख्त
अकाल तख्त सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था है तथा यह सिख
समुदाय की धार्मिक सत्ता का केंद्र है. अकात तख्त, पंजाबी
भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है कालातीत का सिंहासन. अकाल
तख्त अमृतशहर में स्वर्ण मंदिर के सामने स्थित है. यह शिरोमणी अकाली दल का मुख्यालय
भी है. अकाल तख्त से जारी हर निर्देश हर सिख हेतु अकुकरणीय होता है.
0 comments:
Post a Comment