महाराष्ट्र में मार्च 2014 के
द्वितीय सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश और ओला वृष्टि के कारण 11 लाख हेक्टेयर में लगी रबी की फसल बर्बाद हो गई. राज्य कृषि विभाग ने 5000
करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया है.
भारी बारिश औऱ ओलावृष्टि ने मराठवाड़ा, पश्चिमि
महाराष्ट्र, उत्तरी महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ हिस्सों को
भी प्रभावित किया है.
राज्य के 35 जिलों
में से 28 जिले बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. सबसे अधिक
प्रभावित जिलों में से कुछ हैं– बारामती, पुणे, बीड, लातूर, उस्मानाबाद, नासिक, अकोला,
बुलढाना, नागपुर, चंद्रपुर,
अमरावती, यवतमाल, वाशिम,
जलगांव, नांदेड़, नाडुरबार
और धुले. गेहूं, ज्वार और प्याज जैसी खड़ी फसलों को बहुत
नुकसान हुआ है. अंगूर, संतरा, खरबूजा
और केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है.
राज्य सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पास प्रभावित
किसानों को वित्तीय सहायता देने के संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है. केंद्रीय कृषि
मंत्रालय को किसी भी प्रकार की मदद के लिए आगामी लोक सभा चुनावों के मद्देनजर
चुनाव आयोग की अनुमति लेनी पड़ेगी.
0 comments:
Post a Comment