दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज की प्रोफेसर डॉ.वर्तिका
नंदा को 8 मार्च 2014 को
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्त्रीशक्ति पुरस्कार प्रदान किये. महिला दिवस के
मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने डॉ.वर्तिका नंदा को ‘रानी गैदिल्यू जेलियांग’ पुरस्कार से सम्मानित किया.
स्त्री शक्ति पुरस्कार भारत सरकार द्वारा भारतीय इतिहास की प्रख्यात
महिला व्यक्तित्वों की याद में दिया जाता है.जो अपने साहस और ईमानदारी के लिए
विख्यात है. डॉ.वर्तिका नंदा को यह पुरस्कार वर्ष 2013 के
लिए मीडिया के माध्यम से महिला मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाने के क्षेत्र में
उनकी उपलब्धियों के लिए दिया गया.
डॉ.वर्तिका नंदा ने अबतक सात किताबें लिखी है, जिसमें उनके द्वारा लिखित ‘तिनका-तिनका तिहाड़’
एवं 'थी. हूं ..रहूंगी' कविता
संग्रह काफी चर्चित रही. डॉ.वर्तिका नंदा प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा की
प्रसार भारती के नवीनीकरण पर बनाई हाई-प्रोफाइल कमेटी की सदस्य तथा प्रिंट मीडिया
के तहत त्रैमासिक मीडिया जरनल कम्यूनिकेशन टुडे की एसोसिएट एडिटर भी हैं.
विदित हो कि डॉ.वर्तिका नंदा के अलावा अन्य पांच महिलाओं
(मानसी प्रधान, डॉ. एम वेंकैया, बीना
सेठ लश्करी, टी. राधा के. प्रशांति और डॉ. सीमा साखरे) को भी
स्त्री शक्ति पुरस्कार 2013 से सम्मानित किया गया. प्रतिवर्ष
दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के अंतर्गत तीन लाख रूपये नगद और प्रशस्ति पत्र दिया
जाता है.
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