चक्रवाती तूफान पाइलीन से भारत के राज्य प्रभावित-(15-OCT-2013) C.A

| Tuesday, October 15, 2013
चक्रवाती तूफान पाइलीन (Phailin) भारत में 10 अक्टूबर 2013 को आया. इस तूफ़ान ने भारत के राज्यों-अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के साथ ही थाईलैंड, म्यांमार और नेपाल को बुरी तरह प्रभावित किया. ये चक्रवाती तूफान 260 किलोमीटर प्रतिघंटे (अमेरिकी नौसेना के अनुसार) की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी से भारत की तरफ बढ़ा. हालांकि भारत के मौसम विभाग ने इसकी गति 215 किलोमीटर प्रतिघंटे बताया है. पाइलीन (Phailin) एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात था.

पाइलीन की तीव्रता
भारत के मौसम विभाग ने इसकी गति 215 किलोमीटर प्रतिघंटे बताया है. सटीक अनुमान के लिए हरिकेन हंटर्स विमानों की जरूरत होती है, जो भारत के पास नहीं हैं. पाइलीन कैटेगरी-5 का चक्रवाती तूफान है. कैटेगरी-5 का चक्रवाती तूफान सभी चक्रवाती तूफानों में सबसे भयंकर दर्जे का तूफान होता है. ऐसे तूफान में हवाएं 155 मील प्रतिघंटे से ज्यादा की रफ्तार से चलती हैं अर्थात इसकी ताकत अपने सामने आने वाली किसी भी रुकावट को तिनके की तरह उड़ा सकती है. यही नहीं इस दौरान 18 फीट से ऊंची लहरें भी उठती हैं. 

अमेरिका के हवाई द्वीप में मौजूद अमेरिकी नौसेना के ज्वाइंट टायफून सेंटर ने इसकी गति  260 किलोमीटर प्रतिघंटा माना है. चक्रवाती तूफानों का सटीक अनुमान लगाने में अमेरिकी नौसेना का ज्वाइंट टायफून सेंटर विशेषज्ञता रखता है, और ऐसा वो अपने हरिकेन हंटर विमानों के द्वारा कर पाता है. हरीकेन हंटर विमान डॉप्लर वेदर रडार समेत तूफान की भविष्यवाणी करने वाले कई आधुनिक उपकरणों से लैस हैं. ये तूफान के आईबॉल यानी गर्भ तक पहुंचते हैं, और रफ्तार और वायुमंडलीय दबाव की सटीक नाप लेते हैं.
  
ओडिशा और आंध्र प्रदेश की राज्य सरकारों के साथ मिलकर भारत की केंद्र सरकार ने आपदा को कम करने के क्रम में एहतियाती उपाय किए. बचाव और राहत कार्यों के लिए सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट कर दिया गया था तथा राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात रखा गया था.
 
चक्रवात क्या हैं?

मौसम विज्ञान में, चक्रवात एक ऐसा बंद परिपत्र है जिसका तरल पदार्थ, पृथ्वी के समान एक ही दिशा में चक्कर लगाता रहता है. इसमें आमतौर पर हवा सर्पिल आकार में, पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त और दक्षिणी गोलार्द्ध में वामावर्त रूप से घूमती है.

उष्णकटिबंधीय चक्रवात 

पाइलीन (Phailin) एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात था. उष्णकटिबंधीय चक्रवात की उत्पत्ति तब होती है जब नम हवा के ऊपर उठने से गर्मी पैदा होती है, जिसके फलस्वरूप नम हवा में निहित जलवाष्प का संघनन होता है. उष्णकटिबंधीय चक्रवात भूमध्य रेखा से 10 डिग्री की दूरी पर शांत कटिबंध में आरंभ होता है.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की स्थापना अक्टूबर 2004 में की गई थी. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय अधीन काम करता है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता हैं. इसके उपाध्यक्ष शशिधर रेड्डी हैं. केंद्र सरकार ने शशिधर रेड्डी को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA: National Disaster Management Authority) का उपाध्यक्ष 8 दिसंबर 2010 को मनोनीत किया था.
 
विदित हो कि 23 अगस्त 2005 को अमेरिकी इतिहास के पांच सबसे भयंकर चक्रवाती तूफान में से एक कैटरीना आया.




0 comments:

Post a Comment