भारत व जापान के बीच मुंबई-अहमदाबाद के मध्य तीव्र रेल प्रणाली की संभावनाओं का पता लगाने हेतु समझौता-(11-OCT-2013) C.A

| Friday, October 11, 2013
भारत तथा जापान ने मुंबई और अहमदाबाद के बीच द्रुत गति की रेल प्रणाली के विकास की संभावनाओं का पता लगाने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर 07 अक्टूबर 2013 को हस्ताक्षर किये. इस समझौते पर भारत की ओर से रेल मंत्रालय के मूलभूत ढांचा सलाहकार गिरीश पिल्लई तथा जापान की ओर से दक्षिण एशियाई विभाग जेआईसीए के निदेशक कात्सू मत्सूमोतो ने हस्ताक्षर किये.
इस समझौते के तहत दोनो ही संगठनों के द्वारा मुंबई-अहमदाबाद के बीच तीव्र रेल प्रणाली की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक संयुक्त अध्ययन किया जाना है. इस अध्ययन का खर्च भारत तथा जापान दोनो बराबर-बराबर वहन करेंगे. इस अध्ययन हेतु 18 महीने की अवधि निर्धारित की गयी है.
दोनो देशों के बीच हुए समझौते के अंतगर्त किये जाने वाले अध्ययन की निगरानी हेतु एक समिति का भी गठन किया जाना है जिसमे दोनों देशों के विभिन्न मंत्रालयों व दूतावास के प्रतिनिधि होंगे. भारत की ओर से शामिल होने वाले मंत्रालयों में रेल मंत्रालय, योजना आयोग, वित्ति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं जबकि जापान की तरफ से आर्थिक, व्याशपार और उद्योग मंत्रालय, भूमि, अवसंरचना परिवहन और पर्यटन मंत्रालय, वित्ता मंत्रालय तथा भारत में जापानी दूतावास के प्रतिनिधि शामिल होने हैं.
विदित हो कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह एवं जापान के प्रधानमंत्री शिन्जोन अबे के मध्य 29 मई, 2013 को हुई बैठक के बाद जारी किये गये संयुक्त  वक्तव्य में मुंबई-अहमदाबाद के बीच तीव्र रेल प्रणाली के विकास की बात कही गयी थी.
तीव्र रेल प्रणाली 
तीव्र रेल प्रणाली को बुलेट ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इनकी गति काफी अधिक 300-350 किमी प्रति घंटे होती है. जापान की बुलेट ट्रेन को शिंकनसेन (Shinkansen) भी कहा जाता है जिसका अर्थ है नई ट्रंक लाइन. इसे जापान में 1964 में आरंभ किया गया था. जापान की शिकनसेन विश्व की सर्वाधिक व्यस्ततम तीव्रगति की रेल प्रणालियों में से एक है.




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