सनारिया इंक. रॉकविल, मेरीलैंड के वैज्ञानिकों ने मलेरिया की एक नई वैक्सीन विकसित की, जिसका नाम पीएफएसपीजेड (PfSPZ) है. यह वैक्सीन प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम जाति के बीजाणुओं को कमजोर या
नष्ट कर देती है. प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया का बहुत खतरनाक परजीवी है. एक
प्रारंभिक चरण के नैदानिक परीक्षण के अनुसार–यह वैक्सीन व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखती है तथा
मलेरिया संक्रमण के खिलाफ संरक्षण प्रदान करती है. यह साइंस जर्नल में प्रकाशित
था.
मलेरिया
मलेरिया एक वाहक-जनित संक्रामक रोग है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी द्वारा फैलता है. यह मुख्य रूप से अमेरिका, एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के उष्ण तथा उपोष्ण कटिबंधी क्षेत्रों में फैला हुआ है. यह रोग प्लाज्मोडियम (Plasmodium) गण के प्रोटोज़ोआ परजीवी के माध्यम से फैलता है. केवल चार प्रकार के प्लाज्मोडियम परजीवी मनुष्य को प्रभावित करते है. इनमें से सर्वाधिक खतरनाक प्लाज्मोडियम फैल्सीपैरम (Plasmodium falciparum) तथा प्लाज्मोडियम विवैक्स (Plasmodium vivax) होते हैं, साथ ही प्लाज्मोडियम ओवेल (Plasmodium ovale) तथा प्लाज्मोडियम मलेरिये (Plasmodium malariae) भी मानव को प्रभावित करते हैं. इस सारे समूह को 'मलेरिया परजीवी' कहते हैं. मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफ़िलेज़ (Anopheles) मच्छर है. इसके काटने पर मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर के बहुगुणित होते हैं जिससे रक्तहीनता (एनीमिया) के लक्षण उभरते हैं. मलेरिया संक्रमण का इलाज कुनैन या आर्टिमीसिनिन जैसी मलेरियारोधी दवाओं से किया जाता है यद्यपि दवा प्रतिरोधकता के मामले तेजी से सामान्य होते जा रहे हैं
मलेरिया
मलेरिया एक वाहक-जनित संक्रामक रोग है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी द्वारा फैलता है. यह मुख्य रूप से अमेरिका, एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के उष्ण तथा उपोष्ण कटिबंधी क्षेत्रों में फैला हुआ है. यह रोग प्लाज्मोडियम (Plasmodium) गण के प्रोटोज़ोआ परजीवी के माध्यम से फैलता है. केवल चार प्रकार के प्लाज्मोडियम परजीवी मनुष्य को प्रभावित करते है. इनमें से सर्वाधिक खतरनाक प्लाज्मोडियम फैल्सीपैरम (Plasmodium falciparum) तथा प्लाज्मोडियम विवैक्स (Plasmodium vivax) होते हैं, साथ ही प्लाज्मोडियम ओवेल (Plasmodium ovale) तथा प्लाज्मोडियम मलेरिये (Plasmodium malariae) भी मानव को प्रभावित करते हैं. इस सारे समूह को 'मलेरिया परजीवी' कहते हैं. मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफ़िलेज़ (Anopheles) मच्छर है. इसके काटने पर मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर के बहुगुणित होते हैं जिससे रक्तहीनता (एनीमिया) के लक्षण उभरते हैं. मलेरिया संक्रमण का इलाज कुनैन या आर्टिमीसिनिन जैसी मलेरियारोधी दवाओं से किया जाता है यद्यपि दवा प्रतिरोधकता के मामले तेजी से सामान्य होते जा रहे हैं
Who: वैज्ञानिकों ने
Where: मेरीलैंड
What: मलेरिया की
वैक्सीन
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