शिक्षाविद और समाजविज्ञानी विनोद
रैना का नई दिल्ली में 12 सितम्बर 2013 को निधन हो गया. वह 62 वर्ष के थे और कैंसर से पीड़ित
थे.
विनोद रैना से संबंधित मुख्य तथ्य
• वह शिक्षा का अधिकार कानून जो
वर्ष 2010 से देशभर में लागू हुआ के निर्माण की प्रक्रिया से में बतौर केंद्रीय
शिक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य रहे थे.
• वह मध्य प्रदेश के स्वयंसेवी संगठन एकलव्य के सह-संस्थापक थे.
• वह एकलव्य प्रकाशन से निकलने वाली बच्चों की पत्रिका चकमक के संपादक थे.
• उन्होंने मध्य प्रदेश में भारत ज्ञान विज्ञान समिति और एकलव्य जैसी शिक्षा में सक्रिय संस्थाओं और आन्दोलनों के साथ लम्बे समय तक कार्य किया.
• वह दिल्ली विश्वविद्यालय में मूलतः भौतिकी के प्रोफ़ेसर रहे.
• विनोद रैना ने शिक्षा और साक्षरता हेतु आन्दोलन को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और प्राथमिक शिक्षा व विज्ञान के लोकव्यापीकरण के लिए कार्य किया.
• उन्होंने शिक्षा के अधिकार की मांग को नेतृत्व भी प्रदान किया.
• वह मध्य प्रदेश के स्वयंसेवी संगठन एकलव्य के सह-संस्थापक थे.
• वह एकलव्य प्रकाशन से निकलने वाली बच्चों की पत्रिका चकमक के संपादक थे.
• उन्होंने मध्य प्रदेश में भारत ज्ञान विज्ञान समिति और एकलव्य जैसी शिक्षा में सक्रिय संस्थाओं और आन्दोलनों के साथ लम्बे समय तक कार्य किया.
• वह दिल्ली विश्वविद्यालय में मूलतः भौतिकी के प्रोफ़ेसर रहे.
• विनोद रैना ने शिक्षा और साक्षरता हेतु आन्दोलन को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और प्राथमिक शिक्षा व विज्ञान के लोकव्यापीकरण के लिए कार्य किया.
• उन्होंने शिक्षा के अधिकार की मांग को नेतृत्व भी प्रदान किया.
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