तीन ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने ग्रीट लुन्बेक यूरोपीयन ब्रेन रिसर्च पुरस्कार जीता-(03-MAR-2016) C.A

| Thursday, March 3, 2016
तीन ब्रिटिश वैज्ञानिकों, टिम ब्लिस, ग्राहम कोलिंग्रिज और रिचर्ड मॉरिस ने 1 मार्च 2016 को तंत्रिका विज्ञान सम्बन्धी विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार ग्रीट लुन्बेक यूरोपीयन ब्रेन रिसर्च प्राइज जीता.
तीनों वैज्ञानिकों को मनुष्य के मस्तिष्क में स्मृति के संचरण और भूलने की मौलिक प्रक्रिया के अध्ययन के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया. 
ग्रीट लुन्बेक यूरोपीयन ब्रेन रिसर्च पुरस्कार” पहली बार ब्रिटेन की टीम को प्रदान किया गया.  
पुरस्कार समारोह 1 जुलाई 2016 को कोपेनहेन में  आयोजित किया जाएगा. समारोह में डेनमार्क के युवराज फ्रेडरिक द्वारा विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.

तीनों वैज्ञानिकों के अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष-

• तीनों शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि हिप्पोकैम्पस में किस प्रकार मस्तिष्क की तंत्र कोशिकाएं दिमांग के सीखने की प्रक्रिया, जिससे मनुष्य स्मृति का संचरण बनाए रखता है, वह इंसानों को याद करने के बारे में सहयोग और समझ का आधार प्रदान करने में सक्षम बनाता है. 
• उन्होंने यह भी अध्ययन किया कि किस प्रकार हिप्पोकैम्पस में मस्तिष्क की कोशिकाएं स्मृति के संचरण के लिए आपस में जुडी हुई हैं. वैज्ञानिकों ने इसे एक साधारण घटना बताया जो लंबी अवधि तक ऊर्जित करती है. 
• वैज्ञानिकों ने अध्ययन के बाद इस (फेनोमेना) घटना के पीछे की पद्धति (तंत्र) का भी वर्णन किया और यह सिद्ध किया कि घटना के पीछे लंबी अवधि तक दिमांग में स्मृति के संचरण, मानव  की सीखने, याद करने की क्षमता उसके आसपास के वातावरण पर आधारित है. 
• उनके शोध के परिणाम बताते हैं कि मस्तिष्क नई घटनाओं के प्रभाव को सीखने, सरक्षित रखने और घटनाओं को अनुकूल करने में सक्षम है. इस तरह की प्लास्टिसिटी (अभिघट्यता) मस्तिष्क को स्वयं ही स्ट्रोक या अचानक अंधापन से बचने और पुनर्निर्माण के लिए सक्षम बनाता है.
ग्रीट लुन्बेक यूरोपीय मस्तिष्क अनुसंधान पुरस्कार के बारे में-
• ग्रीट लुन्बेक यूरोपीय मस्तिष्क अनुसंधान पुरस्कार  को ब्रेन प्राइज के रूप में भी जाना जाता है. यह एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पुरस्कार है.
• यह प्रतिष्ठित पुरस्कार एक या एक से अधिक उन वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है जो सक्रिय रूप से यूरोपीय तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करते हैं. 
• यह लुन्बेक फाउंडेशन द्वारा 2011 में स्थापित किया गया था.
• इस पुरस्कार के विजेताओं को एक मिलियन यूरो का पुरस्कार प्रदान किया जाता है. जिस अनुसंधान के लिए विजेता को नामित किय गया है उसने या तो यूरोप में या फिर यूरोप के शोधकर्ताओं के सहयोग से अनुसंधान किया हो. पुरस्कार विजेता भले ही किसी भी राष्ट्र का निवासी हो.

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