तीन दक्षिण एशियाई महिलाएं प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय महिला वीरता पुरस्कार से सम्मानित-(05-MAR-2015) C.A

| Thursday, March 5, 2015
अमेरिकी राज्य सचिव ने तीन दक्षिण एशियाई महिलाएं नीलोफर रहमानी, नादिया शरमीन और तबस्सुम अदनान को 3 मार्च 2015 को वर्ष 2015 के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय महिला वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया.
ये महिलाएं असाधारण साहस का प्रदर्शन करने वाली उन 10 महिलाओं में से हैं जिन्हे शांति, न्याय, मानव अधिकारों और लैंगिक समानता के लिए 10 देशों से चुना गया.
·         नीलोफर रहमानी (अफ़गानिस्तान): वह अफगान वायु सेना में कप्तान है.
·         नादिया शरमीन (बांग्लादेश): वह एक पत्रकार और महिला अधिकार कार्यकर्ता है.
·         तबस्सुम अदनान (पाकिस्तान): वह ख्वेंदो जिरगा के संस्थापक है.
इन तीन महिलाओं के अलावा वर्ष 2015 के लिए इस पुरस्कार के लिए चयनित की गई अन्य महिलाएं हैं:
·         रोजा जुलिएटा मोंटानो सलवेतियरा (बोलीविया): वह पैरा ला मुजेर की संस्थापक और निदेशक है.
·         मेए सबे फ्यू (बर्मा): वह लैंगिक समानता नेटवर्क की निदेशक है.
·         बीट्राइस इपाये (मध्य अफ्रीकी गणराज्य): वह फाउंडेशन वोइक्स ड्यू कोयर की अध्यक्ष है.
·         मैरी क्लेयर (गिनी): वह एक नर्स और एक कार्यकर्ता है.
·         सायाका ओसाकाबे (जापान): वह मथारा नेट की संस्थापक और प्रतिनिधि है.
·         अरबाना हारा (कोसोवो): वह जेरी (Zeri) की संपादक है.
·         मज्द चोबाजी (सीरिया): वह महिला विकास केंद्र की निदेशक हैं.
ये महिलएं 10 मार्च 2015 को वॉशिंगटन डीसी में अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा की उपस्थिति में पुरस्कार प्राप्त करेंगी.

अंतरराष्ट्रीय महिला वीरता पुरस्कार 
वर्ष 2007 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय महिला वीरता पुरस्कार विश्व भर में मानव अधिकार, महिलाओं की समानता और सामाजिक प्रगति की वकालत और असाधारण साहस का प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने हेतु प्रदान किया जाता है.

वर्ष 2007 में इस पुरस्कार की स्थापना के बाद से राज्य विभाग (अमेरिका) भारत सहित 50 से अधिक देशों की 86 महिलाओं को सम्मानित कर चुका है.

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