संयुक्त राष्ट्र ने पैट्रिक काम्मार्ट की अध्यक्षता में गाजा युद्ध पर एक जांच गठित की-(13-NOV-2014) C.A

| Thursday, November 13, 2014
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने पैट्रिक काम्मार्ट की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय पैनल का 11 नवंबर 2014 को गठन किया. इस पैनल का कार्य गाजा युद्ध के दौरान संयुक्त राष्ट्र आवासों पर हुए इस्राइली हमलों की जांच करना और संयुक्त राष्ट्र के स्थलों पर हमास हथियारों को खोजना है. अपनी जांच के दौरान पैनल 8 जुलाई 2014 से 26 अगस्त 2014 के बीच हुई घटनाओं पर केंद्रित होगा.
पैनल के अन्य सदस्य हैं अर्जेंटीना की मारिया वीसीएनमिलबर्न, संयुक्त राज्य अमेरिका के ली ओ' ब्रायन, कनाडा का पियरे लीमेलिन और भारत के के. सी. रेड्डी. 

इससे पहले अक्टूबर 2014 में गाजा में क्षतिग्रस्त संयुक्त राष्ट्र आवास स्थल के अपने दौरे के दौरान मून ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित तीन स्कूलों पर हुए इस्राइली गोलीबारी को नैतिक आक्रोश का परिणाम बताया. इसी दौरे के दौरान उन्होंने जांच आयोग के गठन की योजना की घोषणा की थी.
 
हालांकि, इस्राइल का कहना है कि फिलिस्तीनी हमास लड़ाके उन स्कूलों का इस्तेमाल हथियार का भंडारण करने के लिए कर रहे हैं. उसने इस बात का भी खंडन किया कि उसने जान बूझ कर उन स्कूलों को निशाना बनाया जो युद्ध के 50 दिन के दौरान इस्राइली आक्रमण के दौरान फिलिस्तीनियों द्वारा आश्रय के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे.
 
यूएनआरडब्ल्यूए (United Nations Relief and Works Agency for Palestine Refugees in the Near East)  के मुताबिक, इस संघर्ष के दौरान कमसेकम संयुक्त राष्ट्र के पांच ठिकानों पर हमला किया गया, इसमें बच्चों समेत कई फिलिस्तीनियों की मौत हुई. संयुक्त राष्ट्र और फिलिस्तीन अनुमानों के मुताबिक 50 दिन तक चले इस संघर्ष में 2100 से भी अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई जिसमें अधिकांश वहां की आम जनता थी. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी या हमास सरकार द्वारा संचालित कमसेकम 223 गाजा स्कूल इस संघर्ष में बर्बाद हुए. 

विदित हो कि इस पैनल के अलावा, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने जिनेवा में गाजा संघर्ष की जांच पर कनाडा के वकील विलियम शाबास की अध्यक्षता में एक अलग आयोग का गठन किया है.


0 comments:

Post a Comment